सुधा डेयरी के पूर्व एमडी पर 100 करोड़ टर्म लोन और 110 करोड़ ओवर ड्राफ्ट लेने के आरोप पर फुलवरिया थाना में एफ आई आर दर्ज। बिना मांग महंगे सामान खरीदने का भी आरोप।
गबन, टेडर हेरा फेरी और मिलावट के भी लगे आरोंप 210 करोड़ का नियम विरुद्ध कर्ज लेने का आरोप।
रविंद्र कुमार की शिकायत पर पूर्व प्रभारी एमडी रविंद्र प्रसाद और उनके अन्य सहयोगों के खिलाफ फुलवरिया थाने में मामला दर्ज किया गया है
पद का दुरुपयोग करने वाले एचडी पर आखिर फुलवरिया थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई।
बरौनी/बेगूसराय/संवाददाता महंत रामजीवन दास
आखिर यह तो होना ही था? पद प्राप्त करते ही कंपनी के पैसे को अपना निजी बनाने वाले स्वार्थी तत्वों को तो एक दिन सच्चाई सामने आने पर एफ आई आर के दायरे में आना लाजमी था।
बताया जाता है कि बरौनी का चर्चित सुधार देरी के पूर्व प्रभारी एचडी पर बोर्ड के बिना मंजूरी 210 करोड़ का ओवर ड्राफ्ट लेने के आरोप में स्थानीय फुलवरिया थाना में मामला दर्ज कराई गई है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर मामले के सघन जांच में जुट गई है। बताते चलें कि बरौनी सुधार डेयरी के पूर्व एम डी द्वारा कथित वित्तीय अनियमिताओं का मामला अब पुलिस तक भी पहुंच गया है। डेयरी प्रशासन की ओर से कराई गई ऑडिट जांच के आधार पर वर्तमान प्रबंध निदेशक रविंद्र कुमार ने पूर्व प्रभारी एमडी रविंद्र प्रसाद समेत उनके अन्य सहयोगियों के खिलाफ फुलवरिया थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस को एफ आई आर के साथ साथ ऑडिट रिपोर्ट संक्षिप्त दस्तावेज भी सौंप दी गई है। मामले में सबसे बड़ा आप करीब 210 करोड़ रुपए का कर्ज लेने को लेने का आरोप लगा है। एफ आई आर के अनुसार डेयरी के नियमों एवं निदेशक मंडल की स्वीकृत की अंधे की करते हुए करीब 100 करोड रुपए का टर्म लोन और एक साथ 10 करोड रुपए का ओवर जब लिया गया।
आप है कि इसमें इयरी पर कर्ज का बोल बजा और रन पर हर महीने लाखों रुपए ब्याज का भुगतान करना पड़ रहा है। इन आरोपों की वास्तविकता और डेयरी को हुए वित्तीय नुकसान की वास्तविक राशि पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
पूर्व प्रभारी एमजी पर संघ की संपत्ति के अपराधिक न्यासा भंग,गवन, टेंडर में हेरा फेरी, भ्रष्टाचार, बिल एवं चालान में जलसा जी खाद्य पदार्थ में मिलावट तथा संघ को द्वितीय नुकसान पहुंचाने जैसी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पूर्व प्रभारी एचडी पर संघ के अध्यक्ष के साथ मिली भगत का भी आरोप एफआईआर में दर्ज की गई है। जबकि बरौनी सुधार डेरी का कार्य क्षेत्र चार जिलों में फैला हुआ है। एफ आई आर होने के बाद इससे जुड़े दुग्ध उत्पादक किसानों समिति अध्यक्ष-सचिव और निदेशक मंडल के सदस्यों के बीच में मामले को लेकर चर्चा गर्म हो गई है। हम सभी की गजल पुलिस जांच पर लगी हुई है। पुलिस ने एफ आई आर दर्ज करके ऑडिट रिपोर्ट और दूसरे दस्तावेजों के आधार पर जांच प्रारंभ करनी है। जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है की कथित और अन्य नेताओं में किन-किन लोगों की भूमिका रही है एवं डैडी को वास्तविक विद्या नुकसान कितना हुआ है।
इतना ही नहीं बिना जरूर ऊंची पदों पर आईपैड लैपटॉप केमिकल (नाइट्रिक एसिड, फास्टिंग सोडा) रिफाइंड तेल, मशीन आज खरीदने से भी द्वितीय नुकसान हुआ है्। इतना ही नहीं बोर्ड की मंजूरी के बिना 100 करोड़ का टर्म लोन एवं 110 करोड़ का ओवरड्राफ्ट लेने का भी आरोप है। साथ ही साथ नियमों की अनदेखी करके दर्जनों लोगों को बहाल भी किया गया, जिनके वेतन और भक्तों पर डेयरी कोष से लाखों रुपए खर्च किए गए, साथ ही जेंडर में हेरा फेरी, बिल/चालान मैं जलसा जी खाद्य पदार्थों में मिलावट एवं अध्यक्ष के साथ मिली भगत जैसे गंभीर आरोप ऑडिट रिपोर्ट में सामने आए हैं



