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कल्पवास मेले में मां गंगा की महाआरती शुरू हुई

 कल्पवास मेले में मां गंगा की महाआरती शुरू हुई

 बीहट बेगूसराय सच आज तक न्यूज़ संवाददाता मुकेश कुमार की रिपोर्ट


सिमरिया गंगा धाम में राजकीय कल्पवास मेला सिमरिया में बुधवार को वाराणसी के आचार्यों के द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ मां गंगा की महाआरती विधिवत रूप से शुरू हुई।


कुंभ सेवा समिति के बैनर तले सिमरिया गंगा तट पर होने वाली महा आरती के लिए वाराणसी से आचार्य राम मणि शर्मा, पंडित नारेंद्र पाठक, कपिल शुक्ला, ब्रजेन्द्र तिवारी, नागेंद्र उर्मिलिया, मयंक तिवारी, विनोद तिवारी, राज शर्मा व हिमांशु मिश्र ने बुधवार को सिमरिया धाम के रिवर फ्रंट पर गंगा की महाआरती शुरू की।

सिमरिया धाम स्थित रिवर फ्रंट पर शाम सात बजे शुरू होने वाली गंगा महाआरती कार्तिक पूर्णिमा तक चलेगी।

गंगा महाआरती के मुख्य यजमान के रूप में खेलमंत्री सुरेंद्र मेहता, बरौनी एनटीपीसी के अभियंता कुंदन कुमार, आभा सिंह, अध्यक्ष डॉ. नलिनी रंजन सिंह, उपाध्यक्ष विश्व रंजन उर्फ राजू, बलराम सिंह, अधिवक्ता अंजनी शरण आदि थे। वही गंगा महाआरती के प्रथम दिन स्वामी चिदात्मन जी महाराज के द्वारा गंगा महाआरती में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले कुंभ सेवा समिति के सदस्यों समेत कई अन्य लोगों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। मौके पर रविंद्र ब्रह्मचारी, रामाशीष सिंह, सुरेंद्र सिंह, रोहित कुमार समेत कई अन्य लोग मौजूद थे। दूसरी ओर वाराणसी के आचार्यों के द्वारा की जाने वाली गंगा

सिमरिया धाम को विकसित बनाने

सिमरिया धाम में कल्पवास मेले के दौरान गंगा तट पर मां गंगा की महाआरती करते वाराणसी से आए आचार्य।

कलियुग में पाप को केवल गंगा से ही भय है: राघवाचार्य जी

 मास में सिमरिया धाम स्थित गोविन्द जीव-सेवा संस्थान के आचार्य बाल व्यास राघवाचार्य जी महाराज ने अपने खालसा आश्रम में हजारों भक्त श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि कल्पवास आध्यात्मिक विकास का केन्द्र है। हिंदू समय चक्र में ब्रहमा का एक दिन-रात की अवधि कल्प कहलाता है जो मानवीय गणना से चार अरब 32 करोड़ वर्ष के बराबर होता है।

महाआरती से भक्तिमय का माहौल बना हुआ है। महाआरती देखने के लिए कल्पवास मेला में शामिल होने आए साधु-संत व श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं।

एक कल्प के अन्तर्गत 14 मन्वंतर तक व्यतीत होते हैं जिसके अंतर्गत चारों युग एक हजार बार अपना चक्र पूरा करता है। ध्यातव्य है कि वर्तमान में सातवे वैवस्वत मन्वंतर का 28वां कलियुग चल रहा है। शास्त्रों के अनुसार गंगा तट आदि कुंभ स्थली सिमरिया धाम में कार्तिक मास तुला राशि में जब सूर्य नीचस्थ होकर विराजमान हो तब इस अवधि में मात्र एक मास तक साधना पूर्वक गंगा सेवन करने से ही कल्प

के लिए हम सब को मिलकर करना होगा कामः मंत्रीः सिमरिया धाम को विकसित बनाने के लिए हम सब को मिलकर कार्य करना होगा। ये बातें बुधवार को राजकीय कल्पवास मेला में कुंभ सेवा समिति के द्वारा आयोजित

पर्यन्त गंगा सेवन का पुण्य प्राप्त होता है। इसलिए इसे कल्पवास भी कहा जाता है। उन्होंने कहा महाभारत ग्रन्थ के अनुसार 100 वर्ष तक तपस्या का जो फल प्राप्त होता है, वह सहज ही एक मास कार्तिक मास में गंगा तट पर वास करने से प्राप्त हो जाता है। स्कंद पुराण के अनुसार गंगा भक्ति स्वरूपा हैं। इस तट पर आधी घटी अर्थात 12 मिनट की साधना अन्यत्र दिनभर की साधना से श्रेष्ठ है।

गंगा महाआरती के मंच के उद्घाटन समारोह में बिहार सरकार के खेलमंत्री सुरेंद्र मेहता ने कहीं। उन्होंने कहा कि केंद्र और बिहार सरकार के संयुक्त प्रयास से सिमरिया का नाम देश भर में हो रहा है। कहा कि गंगा हमारी संस्कृति

तपस्या से ही मनुष्य को इहलौकिक सुख और पारलौकिक गति की प्राप्ति होती हैः स्वामी चिदात्मन

से ही मनुष्य को इहलौकिक सुख और पारलौकिक गति की प्राप्ति होती है। उक्त बातें सर्वमंगला सिद्धाश्रम के ज्ञानमंच से स्वामी चिदात्मन जी महाराज ने कही। उन्होंने कहा कि देव कर्म और पितृ कर्म सभी प्रकार के सामाजिक कर्म, राष्ट्र कर्म और संस्कृति हित का काम करने वाले मानव ही प्रथम श्रेणी के होते हैं। जो दूसरे की देखा-देखी करते हुए कर्म और कुकर्म करता है वह मध्यम श्रेणी का मानव कहा जाता है जबकि इस संसार में भोग विलास में ही सदा पड़ा रहने वाला निम्न श्रेणी का मानव कहलाता है। वे

है। हम सब को मिलकर इसे जीवित रखना है। सर्वमंगला सिद्धाश्रम के संस्थापक स्वामी चिदात्मन जी महाराज ने कहा कि सिमरिया मिथिलांचल की दक्षिणी सीमा पर है, राजा विदेह भी यहां तुला की संक्रांति में आकर कल्पवास

सभी श्रद्धालु धन्य हैं जो अपना घर-

परिवार छोड़कर भी यहां इस धरा धाम पर कल्पवास करने के लिए पधारे है। सभी सनातन धर्मावलंबी का काम है कि वे सबसे पहले किसी भी पूजन में प्रत्यक्ष स्वरूप सूर्यदेव की उपासना करते हैं। मौके पर सिद्धाश्रम के व्यवस्थापक रविंद्र ब्रहमचारी, मीडिया प्रभारी नीलमणि, रमण कुमार, अमरेंद्र कुमार सिंह, श्याम झा, राम झा, लक्ष्मण झा, अरविंद चौधरी, सदानंद झा, आचार्य नारायण झा, पंडित दिनेश झा रमेश झा, राजेश झा, रजनीश झा, हंस झा, बच्ची देवी, अरुणा देवी, दीप्ति कुमारी आदि मौजूद थे।


सिमरिया धाम में कल्पवास मेले के दौरान गंगा तट पर गंगा महाआरती मंच का उद्घाटन करते खेलमंत्री सुरेन्द्र मेहता व अन्य।

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