निकेश झा आचार्य मां दुर्गा का नवमी पूजन नवरात्रि के नौवें दिन किया जाता है, जिसमें देवी दुर्गा के सिद्धिदात्री स्वरूप की पूजा की जाती है। इस दिन को महानवमी भी कहा जाता है, और यह पूजा का अंतिम दिन होता है।
नवमी पूजा का महत्वः
बरौनी सच आज तक न्यूज़ संवाददाता मुकेश कुमार की रिपोर्ट
देवी की कृपाः नवमी पूजा के दौरान देवी की कृपा प्राप्त करने के लिए विशेष पूजा और अनुष्ठान किए जाते हैं।
आध्यात्मिक शक्तिः नवमी पूजा करने से व्यक्ति को आध्यात्मिक शक्ति मिलती है, जिससे वह जीवन की चुनौतियों का सामना कर सकता है।1. शुद्धि और पवित्रताः हवन के दौरान अग्नि में आहुति देने से शुद्धि और पवित्रता प्राप्त होती है।
देवी की कृपाः हवन करने से देवी की कृपा प्राप्त होती है, और जीवन में सुख-समृद्धि और सफलता मिलती है।
नवमी पूजा और विसर्जन की प्रक्रियाः
विशेष पूजाः नवमी पूजा के दिन देवी सिद्धिदात्री की विशेष पूजा की जाती है, जिसमें उन्हें फूल, फल, और अन्य पूजा सामग्री अर्पित की जाती है।
हवन और विसर्जनः नवमी पूजा के बाद हवन और विसर्जन किया जाता है, जिसमें देवी की प्रतिमा को जल में विसर्जित किया जाता है।
मां दुर्गा का नवमी पूजन और विसर्जन एक महत्वपूर्ण अनुष्ठान है, जिसमें देवी दुर्गा की कृपा और आशीर्वाद को प्राप्त करने के लिए विशेष पूजा और अनुष्ठान किए जाते हैं। इस पूजा से व्यक्ति को आध्यात्मिक मौके पर नवदुर्गा संघ के अध्यक्ष ,आदित्य कुमार उर्फ बाबू साहब, संतोष कुमार, प्रवीण कुमार, मुकेश कुमार ,सोनू कुमार ,हरि जी, मुन्ना कुमार ,रवि कुमार शिक्षक नेता ,अशोक सिंह, गौरव कुमार ,सनी कुमार, संजीव कुमार, कन्हैया कुमार,


