Breaking Posts

6/trending/recent
Type Here to Get Search Results !

Photography

बेगूसराय जिले के सात विधानसभा में अब कुल73 उम्मीदवार (पहलवान) चुनावी समर में ताल ठोक रहे हैं।

बेगूसराय जिले के सात विधानसभा में अब कुल73 उम्मीदवार (पहलवान) चुनावी समर  में ताल ठोक रहे हैं।


73 में से 07 के सर पर जीत की ताज चढेगा, और 66 उम्मीदवार(पहलवानों)को हार का मुंह देखना पड़ेगा।

चुनावी मैदान में दो विधानसभा से भारतीय जनता पार्टी के दो बागी उम्मीदवारों ने अपना-अपना नॉमिनेशन वापिस कर लिया है।

बरौनी/बेगूसराय/संवाददाता महंत राम जीवनदास की रिपोर्ट

06 नवंबर को होने वाले बिहार विधान सभा के चुनाव में बेगूसराय जिले के सात विधानसभा क्षेत्र में उम्मीदवारों की पर्चा दाखिल करने वाले लोगों में से भारतीय जनता पार्टी के दो विधानसभा में बागी 2 उम्मीदवारो ने अपना अपना नॉमिनेशन का पर्चाअपने दल के प्रत्याशियों के समर्थन में वापस कर लिया। अब सातों विधानसभा के चुनावी मैदान में 73 पहलवान (उम्मीदवार) ताल ठोक रहे हैं और अपना-अपना भाग्य आजमा रहे हैं। जिसमें महागठबंधन के दो पार्टी के उम्मीदवारो ने गठबंधन में सीटों का ताल मेंल नहीं होने के कारण कुछ सीटों पर आमने-सामने मैदान में है। बताया जाता है कि 142 बछवारा विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस पार्टी एवं राजद के उम्मीदवार अपना -अपना दावा पेश कर चुके हैं। जहां से आठ (08)उम्मीदवार चुनावी मैदान में है। वही 143 विधानसभा क्षेत्र से बागी निर्दलीय उम्मीदवार ललन कुंवर के नॉमिनेशन वापस लेने के बाद 13  उम्मीदवार चुनावी समर में अपनी जीत   के लिए ताल ठोक रहे हैं। जबकि क्षेत्र संख्या 141 चिड़िया बरियारपुर विधानसभा क्षेत्र से-09 उम्मीदवार (पहलवान) अपना अपना -अपना भाग्य आजमा रहे हैं। जबकि क्षेत्र संख्या 144 मटिहानी विधानसभा क्षेत्र से -06 उम्मीदवार (पहलवान) चुनावी मैदान में ताल ठोक रहे हैं। जहां पूर्व विधायक एवं वर्तमान विधायक के बीच कांटे की टक्कर बताई जाती है। वहीं क्षेत्र संख्या -145 साहेबपुर कमाल से14 उम्मीदवार (पहलवान) चुनावी समर में ताल ठोक रहे हैं। जबकि 146 -बेगूसराय विधानसभा क्षेत्र से-14 उम्मीदवार (पहलवान) चुनावी समर में जीत का परचम लहराने के लिए ताल ठोक रहे हैं। वही -147-बखरी विधानसभा क्षेत्र जो (सुरक्षित) सीट है, से 09 उम्मीदवार (पहलवान) चुनावी समर में अपना अपना ताल ठोक रहे हैं। जबकि जिले के सातों विधानसभा क्षेत्र में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन एवं महागठबंधन के बीच ही सीधा मुकाबला होने की संभावना बताई जाती है। जबकि कहा जाता है की महा गठबंधन में मेल नहीं, बिहार के सरकार में आना खेल नहीं? आम चर्चा हो रही है कि जब महा गठबंधन के लोगों में चुनाव लड़ने के सवाल पर सीटों के बंटवारे को लेकर ं एक दूसरे में मेल नहीं है, तो क्या? सरकार में आने पर अपने स्वार्थ के चक्कर में बिहार की जनता का कार्य हो सकेगा? 

पहले चरण का चुनाव 06 नवंबर को होना है और परिणाम 14 नवंबर को आएगा।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Below Post Ad

Breaking News

Ads Bottom