श्रीमद् भागवत कथा में मालती गांव में उमड़ी भीड़
बीहट सच आज तक न्यूज़ संवाददाता मुकेश कुमार की रिपोर्ट
बरौनी प्रखंड के मालती गांव में श्रीमद् भागवत कथा तीसरे दिन उमड़ी भीड़ भक्त वंशकल्प सर्व हम सब के आराध्य भगवान काशी विश्वनाथ बाबा भेज देना बाबा बासुकीनाथ देवी नाथ भगवान बद्रीनाथ केदारनाथ भगवान गंगोत्री यमुनोत्री रामेश्वरम जगन्नाथ द्वारिका नाथ भगवान बालाजी तिरुपति त्रंबकेश्वर महाकालेश्वर ओंकारेश्वर भगवान संकट मोचन भगवान गौरी शंकर भगवान सीताराम लक्ष्मी नारायण राधा कृष्ण भगवान नव दुर्गा महारानी सभी आवाही तिथि देवता मेरे संत भगवान मेरे विद्वान आचार्य वीरेंद्र भागवत कथा अनुरागी सभी दिव्या आत्माएं भद्र पुरुषों भक्ति स्वरूप श्रधामई भक्ति मति मेरी माताएं बहिनी मेरे भाई बानो आई हम सब का बहुत बड़ा सौभाग्य है कि आज पूरी विश्व में दीपावली पर्व मनाया जाता है और उसे दीपावली पावन पर्व जो हिंदुओं का प्रमुख त्यौहार है आज के दिन अयोध्या में भगवान सीताराम अयोध्या में और भगवान श्री रामचंद्र जब लंकेश का रावण का उद्धार कर रावण कुलर्कणीय जो कल संस्कृति है उसे संस्कृति को मिटा करके और सनातन जो आर्य संस्कृति है उसे सनातन संस्कृति की स्थापना द्वीप में लंका में आर्य संस्कृति का सनातन संस्कृति की स्थापना करके सदाचार धर्माचार्य और सतगुरु की स्थापना करके भगवान राजाराम राम भगवान आज अवध में पधारे और अयोध्या के लोगों ने भारत राष्ट्र के लोगों ने भगवान के आगमन पर यह दीप उत्सव मनाया मेरे भाई बहन का जो पर्व है भगवान की अवध आने की खुशी में मनाया जा रहा है और आज हम सब मालती ग्राम पंचायत की पिपरा देवस बरौनी प्रखंड के जितने भी श्रद्धालुओं में आप हम सब बेगूसराय आप सब श्रद्धा में मेरी मानते हैं मेरी बहने मेरे भाई बंधु हम भी मानसिक इस पावन धरती पर श्रीमद् भागवत कथा के माध्यम से महालक्ष्मी पूजन दीपदान को दीपक जला रहे हैं जलाकर की अवधारणा में कहीं अंधेरा नहीं रहेगा ज्ञान का प्रकाश विद्या का प्रकार सदाचार का प्रकार संस्कृति और संस्कारों का चित्रों का प्रकाश जहां देखोगे आप वहां आपको यह प्रकाश ही प्रकाश सद्भावना का प्रकाश सद्ज्ञान का प्रकाश प्रेम और सौहार्द भाई जाना चाहिए प्रकाश चारों दिशाओं में ऐसा दीवाना ऐसी यह पवन दीपक सबकी हम सब ज्योति जलाएंगे जो रही ना धारा में कहीं भी अंधेरा कहीं धारा में अंधेरा नहीं रहेगा ऐसा भागवत कथा के माध्यम से हमने कल्पना के बस में होकर वह विवेक सोनी आज हमने सबको दीपक जलाना है सबको ज्ञान का दीप जला कोई भी व्यक्ति जगत में विवेक सुनने ना हो कोई भी व्यक्ति जगत में संसार में अंधकार में अंधकार दुख में होता है और प्रकाश जीवन का सुख होता है तो हम सब प्रकाश जीवन का सुख है आनंद है उसे आनंद में ही हम जीवन लिख पाएंगे अंधकार जो जीवन का दुख है उसे दुख नहीं हम निकले अभी क्या ज्ञान मायामो का जो अंधकार है उसे निकले और ज्ञान के दीप के द्वारा ज्ञान की इस प्रकाश के द्वारा ज्ञान के किस दीपदान के दौरान ज्ञान सब के द्वारा जो महालक्ष्मी पूजन है हर जगह हम ऐसा दीप जलाएं की रहे ना कहीं भी धारा में अंधेरा हो धारा में कहीं अंधेरा ना ले जाए उसकी बुद्धि खराब कर दी और महात्मा की गली में मारा साप डाल दिया और महात्मा की पत्नी श्राप दिया है कोशिश किया आप परेशान परेशानियां गंगा जी का जल उठाया कोसी नदी का और बनी रूपी भद्रा का प्रहार कर दिया है जिसने भी मेरी मेरे पिताजी की गली में यह सांप डाला यह सांप सातवें दिन तक नाग बनेगा और तक्षक नाग बंद और सनी महाराज परीक्षित बेटा साधु संत को कभी क्रोध नहीं करना चाहिए क्रोध करने से उनकाछीन हो जाए गुस्सा करने से उनकी तपस्या खत्म हो जाए इसलिए भाइयों गुस्सा नहीं किया समझ के गुस्से पर कंट्रोल करना क्रोध से ही बुद्धि बुजुर्ग बहन से होती है और बुद्धि यानी विवेक शक्ति जब शून्य हो जाती है चीन हो जाती है आंखें हमारी अंधी हो जाती है और नेत्र जब अंधी हो जाते हैं दिखाई नहीं देता है विवेक में होकर हम कुछ भी कर सके पड़ोसी गांव समाज के साथ हम कुछ भी कर सके इसलिए क्रोध जीवन का सबसे बड़ा दुश्मन है क्रोध नहीं करना ज्योति महाराज के सूचना नदी की आप साथी ने मारेंगे वहीं सांप जो आपने गली में डाला वह तक्षक बनाकर कांटे द्वारा मारेंगे बचना चाहते महाराज जो व्यक्ति अपराध करता है और उसकी उसकी सजा मिलती है उसको शहर से स्वीकार करना किसी व्यक्ति ने अपराध किया है और अपराध की उसकी सजा मिलती है तो उसको स्वीकार करना चाहिए क्योंकि स्वीकार करना पड़ेगा ना हमें आप तो बड़ी-बड़ी सिद्ध योगी महात्मा मुझे बचा लो मुझे सातवें दिन तक किसी की हिम्मत नहीं हुई भगवान वशिष्ठ जिन्होंने राम जी को 13 वर्ष में आत्मज्ञान करें योग वचन और भगवान है शक्ति के जो पुत्र हैं मौके पर सुजीत सुमन ,देवेंद्र राय ,मुकेश कुमार उर्फ गुड्डू ,राम नंदन राय ,नवीन राय ,अमित कुमार, विनय राय, राजेश कुमार सिंह, राजेश कुमार, भोला झा,, सुदामा कुमार


