दिनकर ने अपनी लेखनी से समाज को जगाया ।
बरौनी/बेगूसराय/संवाददाता महंत रामजीवन दास की रिपोर्ट
राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की प्रारंभिक पाठशाला मध्य विद्यालय बारो में दिनकर की 117वीं जयंती पखवाड़ा कार्यक्रम शनिवार को भव्य रूप से मनाई गयी।इस मौके पर मुख्यअतिथि के रूप में पहुंचे वरिष्ठ साहित्यकार डॉ राम रेखा सिंह ने कहा कि गुलामी के दिनों में दिनकर ने अपनी लेखनी की ताकत से भारतीयों को जगाया। अपनी ओजस्वी कविताओं के कारण वे दिनकर कहलाये।राष्ट्र प्रेम की भावना ने ही रामधारी सिंह दिनकर को राष्ट्र कवि बनाया। विशिष्ट अतिथि जनपद के वरिष्ठ साहित्यकार शेखर सावंत ने कहा कि दिनकर को एक नहीं चार ज्ञानपीठ सम्मान मिलना चाहिए। उन्हें गद्द लेखन, पद लेखन, साहित्य प्रेम और समाज प्रेम के लिए अलग अलग सम्मान मिलनी चाहिए। अतिथियों का स्वागत एचएम विजय कुमार सिंह ने किया।सिमरिया दिनकर साहित्य जागृति समिति के सदस्य साहित्यकार राजेश कुमार,प्रवीण प्रियदर्शी, दिनकर पुस्तकालय के अध्यक्ष विशम्भर सिंह, समिति अध्यक्ष कृष्ण कुमार शर्मा, राम नाथ सिंह,युवा कवि विनोद बिहारी, एके मनीष,समाजसेवी मुकतेश्वर प्रसाद वर्मा, प्रमोद सिंह आदि ने दिनकर साहित्य व उनकी रचित कविताओं के भाव को समझाया। मंच संचालन एके मनीष व स्वागत भाषण रामानंद सागर ने दिया। कार्यक्रम के प्रारम्भ में अतिथियों ने दिनकर के चित्र पर माल्यार्पण किया। इसके बाद दीप प्रज्वलित कर समारोह का उद्घाटन किया। स्कूली बच्चों में स्वागत गान गया रागनी, लाइशा, मुस्कान,शालिनी, प्रतिज्ञा ने प्रस्तुत किया। इसके बाद दिनकर रचित कविताओं का सस्वर पाठ सन्नी, विद्या भारती, लाडली, प्रतीक, रागनी, फरहान, लाइबा,ऋतु, लक्ष्मी, रिया, फातिमा प्रवीण, नेहारिका ने प्रस्तुत किया।मौके पर सीएचओ परसमाणी, रंजीत कुमार सिंह, पवन प्रकाश, रंजना झा आदि थे।



