दिनकर राष्ट्र कवि ही नहीं विश्व कवि हैं:डॉ सच्चिदानंद पाठक
बीहट / बेगूसराय सच आज तक न्यूज़ संवाददाता मुकेश कुमार की रिपोर्ट
रामधारी सिंह दिनकर की 117वीं जयंती के चौथे दिन सोमवार को विवेकानंद साइंस क्लासेज सिमरिया में दिनकर जयंती मनाई गई। दिनकर स्मृति विकास समिति सिमरिया के तत्वावधान में 13 दिवसीय आयोजन के चौथे दिन दिनकर पुस्तकालय सिमरिया के अध्यक्ष विश्वंभर सिंह की अध्यक्षता में आगत अतिथियों ने दिनकर के तैल्य चित्र पर माल्यार्पण किया एवं दीप प्रज्वलित किया। आगत अतिथियों का स्वागत अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। संचालन युवा कवि विनोद बिहारी ने किया। मौके पर वक्ताओं ने दिनकर के व्यक्तित्व व कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। विशिष्ट अतिथि लोकगायक सच्चिदानंद पाठक ने कहा कि दिनकर राष्ट्रकवि ही नहीं विश्वकवि हैं। उन्होंने कहा कि दिनकर ने जनता के खून की स्याही से साहित्य लिखकर देश को अमर कर दिया। उन्होंने यह कैसी
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यी प्रर्यक्रम आजादी दिनकर कविता का पाठ कर बच्चों को दिनकर की तरह महान रचनाकार बनने की प्रेरणा दी। जिला परिषद सदस्य चंदन कुमार ने कहा कि दिनकर के नाम पर विश्वविद्यालय की स्थापना का प्रयास करना चाहिए। डॉ अनामिका कुमारी ने कहा कि हम सबों को दिनकर की रचना से प्रेरित होने की जरूरत है।कार्यक्रम के प्रथम सत्र में गांव के नौनिहाल बच्चों ने दिनकर की कविताओं का पाठ किया। बच्चों में अभय कुमार, अमन कुमार, रमण कुमार, आर्वन कुमार, शिवानी कुमारी, कुलशन कुमार, आयुष कुमार, जिज्ञासा कुमारी, वैष्णवी कुमारी ने कविताओं का पाठ किया। स्वागत गान संस्थान की छात्रा पूजा कुमारी और सोनाली कुमारी ने प्रस्तुत किया। धन्यवाद ज्ञापन समिति के कोषाध्यक्ष रामनाथ सिंह ने किया। मौके पर राजेंद्र राय, प्रवीण प्रियदर्शी, संजीव फिरोज, कृष्ण कुमार शर्मा, सूर्यकान्त राय, जितेंद्र झा, प्रियव्रत कुमार, राम कुमार, ए के मनीष, मनीष कुमार समेत कई गणमान्य मौजूद थे। विदित हो कि दिनकर जयंती समारोह का समापन 24 सितंबर को दिनकर की जन्मभूमि सिमरिया में होगा जिसमें राष्ट्रीय स्तर के साहित्यकार आयोजित परिचर्चा में भाग लेंगे


