33 साल बाद स्पेशल कोर्ट द्वारा दो भाजपा नेता को चार-चार साल एवं सूरजभान सिंह को 1 साल की सजा सुनाई गई।
बेगूसराय एमपी- एमएलए न्यायालय ने सुनाया फैसला 9 अक्टूबर 1993 को पुलिस पर हमले का था मामला।
बरौनी/बेगूसराय/संवाददाता। न्यायिक प्रक्रिया के तहत बेगूसराय एमपी एमएलए न्यायालय की न्यायाधीश जय संजय कुमार ने मंगलवार को 33वर्षों से न्यायालय में विचाराधीन मामले में फैसला सुनाते हुए जिले के भारतीय जनता पार्टी के संगठन करता राम लखन सिंह वो उनके सहयोगी वीरेंद्र ईश्वर उर्फ शोषण सिंह को चार-चार साल की सजा सुनाई है। वही पूर्व सांसद सूरज सिंह उर्फ सूरजभान सिंह को 1 साल की सजा सुनाई है। फैसला सुनाने के उपरांत राम लखन सिंह एवं शोषण सिंह को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया, जबकि पूर्व सांसद सूरजभान सिंह को जमानत मिल गई। बताया जाता है कि तीनों के ऊपर 9 अक्टूबर 1993 को छापामारी के दौरान पुलिस टीम पर हमले और फायरिंग करने का आरोप था, जिसको लेकर न्यायाधीश ने सुनवाई के उपरांत तीनों को दोषी करार दिया। प्राथमिकि के अनुसार 9 अक्टूबर 1993 को पुलिस को गुप्त सूचना मिली की एफसीआई थाना क्षेत्र में मॉम फैक्ट्री के प्रांगण में कुछ बदमाश हथियार के साथ छुपे हुए हैं। सूचना मिलते ही कई थानों की पुलिस फैक्ट्री के पास छापामारी करने पहुंची । लेकिन मुख्य गेट बंद होने के कारण गेट खुलवाने का प्रयास पुलिस करने लगी। मिली जानकारी के अनुसार इस दौरान फैक्ट्री के अंदर से गोलीबारी प्रारंभ हो गई। लेकिन पुलिस ने इस मामले में घटना स्थल से भाजपा नेता राम लखन सिंह एवं वीरेंद्र ईश्वर उर्फ शोषण सिंह को गिरफ्तार कर लिया। जबकि बताया जाता है की घटना स्थल से सूरज सिंह उर्फ सूरजभान सिंह भाग निकलने में सफल हो गया। घटना उपरांत एफसीआई थाने में एएसआई उमाशंकर सिंह द्वारा बरौनी थाना कांड संख्या-406/92 दर्ज कराई गई। जो लगभग 33 वर्षों से न्यायालय में विचाराधीन था। फैसला आने के बाद पूर्व सांसद के वकील मंसूर आलम ने अपने मुंअकिल को जमानत देने की गुहार लगाई, जिस पर न्यायाधीश ने पूर्व सांसद को जमानत दे दी। एवं दोनों भाजपा नेता को जेल भेज दिया।


