कृष्णाधाम तेषड़ा गोकुल और मथुरा में तब्दील हो गया है।
मेला के दूसरे दिन कड़ी धूप और गर्मी के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ है भगवान श्री कृष्ण और श्री राधे की युगल छवि सहित अन्य छवि को झलक पाने को लोग आतुर है। श्री कृष्ण जन्मोत्सव मेला के दूसरे दिन सोमवार की सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ देखी जा रही है। शाम होते ही बद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा।
शहर की सड़कों पर ही मोहनों की गलियों में भी पैदल चलना मुश्किल होने लगा। बरौनी फ्लैग रेलवे स्टेशन से लेकर तेपड़ा बाजार होते हुए कैंची मोड तक। वहीं दूसरी ओर झंडा चौक से रेलवे स्टेशन गुमटी तक आठ किलोमीटर क्षेत्र में फैले मेले में 15 स्थान पर भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं से जुड़ी मूर्तियां को मंडप में स्थापित किया गया है। इसमें बी कृष्ण के विभिन्न रूप एवं उनकी लीलाओं का दर्शन पाकर लोग भाव विभोर हो रहे हैं।
कृष्णाधाम मेले में श्रद्धालुओं की इतनी भीड़ उमड़ पड़ी की पूरे आठ किलोमीटर मेला परिक्षेत्र में लोग ही लोग नजर आ रहे है। बाजार की सड़कों पर दोनों तरफ लाइट की चकाचौंध के बीच श्रद्धालु काफी मशक्कत से एक पंडाल से दूसरे पंडाल तक पहुंच पा रहे हैं। मेला में भीड़ इतनी थी कि एक पंडाल से दूसरे पंडाल तक जाने के लिए भीड़ ही
मच गया शोर सारी नगरी रे आया बिरज कर बांका संभाल तोरे गगरी रे, मैं गोकूल जाऊं री मेरा रोवे रे कन्हैया... भगत के बस में है भगवान... किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए., आदि भक्ति गीतों से कृष्ण धाम गुलजार हो रहा है। होटल और मीना बाजार की दुकानों पर लगी रही भीड़ श्रद्धालुओं ने भगवान का दर्शन करने के साथ ही विभिन्न प्रकार के झूलो का लुफ्त उठाया। वहीं मीना बाजार, चार्ट समोसे की दुकान, होटल, एग रोल, चाऊमीन और आइस क्रीम की दुकानों पर अच्छी भीड़ देखी गई। मेला कार्यालय पर भटकने बिछड़ने का दिनभर चलता रहा सिलसिला मेला के दौरान विभित्र मेल मंडप कार्यालय पर भटकने बिछड़ने का सिलसिला चलता रहा। भीड़ की वजह से श्रद्धालु अपने स्वजनों एवं बच्चों से बिछड़ जाने के बारे में मेला मंडप कार्यालय पर उद्घोषणा करवाते रहे। इस कार्यालय पर भी लोगों की भीड़ जमी रही। प्रशासन के द्वारा की गई व्यवस्था बौना साबित हुई । श्री कृष्ण जन्मोत्सव मेले के अवसर पर भीड़ के सामने प्रशासनिक व्यवस्था बौना साबित हुई। मेले के दूसरे दिन लगभग दो लाख लोगों ने भगवान श्री कृष्ण और राधा सहित अन्य छवियों का दर्शन किया। मेले में कुछ जगह प्रशासनिक व्यवस्था ठीक दिखाई तो। अधिकांश जगहों पर पुलिस प्रशासन भीड़ संभालने को छोड़कर खुद के
मोबाइल पर व्यस्त दिखे। व्यावसायिक संघ के अध्यक्ष सह निवर्तमान उपमुख पार्षद
मेला में होता है करोड़ों का व्यापार
तेघड़ा कृष्ण जन्माष्टमी मेला में करोड़ों का व्यापार होता है। केवल मेला मंडप लाइट और सजावट में दो करोड़ से अधिक खर्च होता है। इसके अलावा फुटकर दुकानदार सहित अस्थाई दुकानदारों की बिक्री भी बढ़ जाती है। पांच दिन में मेले में प्रतिदिन दो करोड़ कर व्यापार होता है। मेला 17 अगस्त से शुरू हुई है जो 20 अगस्त तक चलेगा। 21 अगस्त को मूर्ति का विसर्जन होगा। तैपड़ा के जय हनुमान मेला समिति, प्रखंड कार्यालय मेला समिति, स्टेशन रोड शिव मंदिर मेला समिति, स्टेशन रोड हनुमान मेला समिति, सत्संग भवन मेला समिति और त्रिवेणी मार्केट स्थित नवीन पूजा समिति में आकर्षक पंडाल बना हुआ है मेले का आकर्षण का केंद्र। मेले में आधा दर्जन जगहों पर दर्शकों के मनोरंजन के लिए खेल ग्राउंड बनाया गया है। इसमें ब्रेक डांस, मौत का कुआं, हेलीकाप्टर, रेल गाड़ी, टावर झुला, रेजर, टेण्टेरी सहित अत्याधुनिक कई झूले लगाए गए है। बाजार में जगह-जगह मीना बाजार, आर्टिफिशियल फूलो, बच्चों का खिलौना, होटल लगाए गए है। मेला परिसर में सीसीटीवी कैमरे से निगरानी की जा रही है । सुरेश रोशन, जय हनुमान कृष्ण जन्मोत्सव मेला समिति के अजय कुमार सिंह, नगर परिषद कार्यालय मेला समिति के संरक्षक संत पाल स्कूल के निदेशक सुनील कुमार सिंह हरे राम राय, पूर्व मुखिया हेमंत कुमार, नवीन पूजा समिति के संरक्षक शारदा शरण सिंह उर्फ भोलटू सिंह नगर परिषद के उपमुख पार्षद प्रतिनिधि महबूब आलम उर्फ कारी मुखिया, पूर्व वार्ड पार्षद भूषण सिंह ने बताया तेघड़ा का भगवान श्री कृष्ण जन्मोत्सव मेला भारत का दूसरा सबसे बड़ा मेला है जो इस वर्ष 98 वर्ष पूर्ण कर 99 वर्ष















