ट्रायल के लिए हेलीपैड पर उतरता हेलीकॉप्टर. डिप्टी सीएम ने कार्यक्रम स्थल का किया निरीक्षण कहा-पीएम का सिमरिया आगमन ऐतिहासिक क्षण।
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार, 22 अगस्त को सिमरिया-ओटा के बीच नवनिर्मित सिक्सलेन सड़क पुल का गयाजी से वर्चुअल उद्घाटन करेंगे. इसके बाद हेलीकॉप्टर से पीएम एनटीपीसी स्थित हेलीपैड पर पहुंचेंगे, जहां से वे सड़क मार्ग से पहुंचकर इस महासेतु का विधिवत उद्घाटन करेंगे, साथ ही यहां बने रिवर फ्रंट का भी जायजा लेंगे. इसी मद्देनजर गुरुवार को डिप्टी सीएम विजय सिन्हा सिमरिया पहुंच कर सिक्स लेन पुल का निरीक्षण किया. उनके साथ बेगूसराय जिला के प्रभारी मंत्री संजय सरावगी, भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव वर्मा, जदयू जिलाध्यक्ष रूदल राय आदि मौजूद थे. उन्होंने हेलीपैड से लेकर कार्यक्रम स्थल तक का निरीक्षण किया और आवश्यक दिशा निर्देश दिया. वहीं सिमरियाधाम स्थित धर्मशाला में आयोजित प्रेसवार्ता में कहा कि सिमरियाधाम हजारों वर्ष से कल्पवास का केंद्र बिंदु रहा है. यह मगध, मिथिला और अंग साम्राज्य के संगम का त्रिवेणी क्षेत्र है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस धाम को विकसित करने के संकल्प को साकार किया और आज सिक्स लेन सड़क पुल को जनता को समर्पित करने जा रहे हैं. सिक्स लेन पुल का उद्घाटन बिहार के लिए ऐतिहासिक क्षण होगा. उन्होंने दिनकर की धरती को नमन करते हुए कहा पीएम मोदी और सीएम नीतीश कुमार की डबल इंजन की सरकार राष्ट्रकवि दिनकर की इस उपेक्षित इस धरती को सजा और संवार रहे हैं. राष्ट्रकवि दिनकर के एक-एक पंक्ति को गौरवान्वित कर रहे हैं पुल के मैप को देखते डिप्टी सीएम विजय सिन्हा व मंत्री संजय सरावगी. सिक्स लेन सड़क पुल के नामकरण को लेकर बहस तेज बिहार सहित बेगूसराय जिले की राजनीति इन दिनों एक महत्वपूर्ण बहस पर केंद्रित है. मामला सिमरिया में गंगा नदी पर नवनिर्मित सिक्स लेन सड़क पुल के नामकरण का है. यह पुल उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने का काम करेगा और परिवहन के लिए बड़ी राहत साबित होगा, लेकिन सवाल यह है कि इसका नाम किसके नाम पर रखा जाना चाहिए इसी को लेकर राजनीतिक विजय कुमार सिन्हा ने राहुल गांधी के वोटर अधिकार यात्रा पर भी तंज कसते हुए कहा कि ये वही लोग हैं चुनाव आता है तो नौटंकी करने के जो लिए खलनायक की भूमिका में आ जाते हैं. काहीं न कहीं बिहार के अंदर खराब माहौल बनाना चाहते हैं और सामाजिक सौहार्द को भी तोड़ना चाहते हैं. उन्होंने कहा संविधान में दलों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और शिक्षाविदों के बीच चर्चा तेज हो गई है. कुछ लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिख चुके हैं, तो कुछ स्थानीय स्तर पर अपनी राय व्यक्त कर रहे हैं, मोटेल व्यवसायी राजीव कुमार ने कहा इस पुल का नाम अटल सेतु' होना चाहिए. वहीं नीरज कुमार ने कहा इसका नामाकरण राष्ट्रकवि दिनकर तो कुछ लोगों की नजर में बिहार के प्रथम का चम्मच लेकर जन्म लेने वाले राहुल गांधी और तेजस्वी यादव अपने परिवारवाद के राजनीतिक जमींदारी को जागीर समझ लिए हैं. बाहर से आए हुए लोगों को भी बीटर बनाकर अपनी सत्ता किसी तरह से कायम रखना चाहते हैं. लोकसभा में भी इसी तरह का नौटंकी करते हुए संविधान खतरे में है कहकर लोगों को के नाम पर मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह के होना चाहिए तो कुछ लोगों ने कहा: न्यू राजेंद्र सेतु' कहा जाना चाहिए. वहीं डा भीमराव अंबेडकर के नाम पर भी कुछ लोगों ने सहमति दी है. अब देखना दिलचस्प होगा कि जनता और नेताओं के बीच उठ रहे इन तमाम सुझावों में से किस नाम पर मुहर लगती है अटल सेतु दिनकर सेतु श्रीकृष्णा सेतु या न्यू राजेंद्र सेतु. चुनाव है तो यह लोगों को भड़काने के लिए वोट कटवा की भावना भड़का रहे हैं. यह देश के लिए बहुत बड़ा अभिशाप है. संवैधानिक पद पर बैठा व्यक्ति संवैधानिक संस्था का अपमान करें, यह इस पद के योग्य नाहीं है. ऐसे लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए, इस अवसर पर जिला प्रभारी मंत्री संजय।







