अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 30 सितंबर को हो जाने के बाद ही अक्टूबर माह में बिहार विधानसभा का आदर्श आचार संहिता लगने की प्रबल संभावना है।
विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार बिहार विधानसभा के 243 सीटों के लिए चुनाव आयोग के द्वारा तीन चरणों में चुनाव कराया जा सकता है।
प्रथम चरण के चुनाव दुर्गा पूजा के बाद और दीपावली और छठ पर्व के पहले अक्टूबर माह में तथा नवंबर माह में दो चरणों में इस चुनाव को संपन्न कराया जा सकता है, जिसकी पूरी संभावना जताई जा रही है।
यो तो विभिन्न राजनीतिक दालों के नेता वो कार्यकर्ता चुनाव की तैयारी में लगे हुए दिखाई देने लगे हैं,
पटना के राजनीतिक सूत्रों के अनुसार एनडीए और महागठबंधन के बीच 15 अगस्त के बाद सीटों का बंटवारा होने की संभावना है।
जानकार सूत्रानुसार महागठबंधन में राजद 138 सीट पर, कांग्रेस 54 सीट पर, बादल किस सीट पर और अगर विप महागठबंधन के साथ चुनाव लड़ती है तो उसे 18 सीट मिल सकती है, जबकि तीन सीट में दूसरे दलों के लिए छोड़ा जा सकता है,।
जबकि रजक गठबंधन में जदयू 102 से 103 सीट पर, बीजेपी 101 से 102 सीटों पर, चिराग पासवान की पार्टी को 25 से 28 सिटे मिल सकती है, जबकि मांझी को 6 से 7 सीट और कुशवाहा को चार से पांच सीट मिल सकती है।
बरौनी/बेगूसराय/सच आज तक न्यूज संवाददाता महंत राम जीवन दास की रिपोर्ट ।
(न्यूज डेस्क)। बिहार विधानसभा 2025 के चुनाव का आर्दश आचार संहिता 30 सितंबर को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन होने के बाद अक्टूबर माह में यह पूरी संभावना है कि लग सकता है। क्योंकि जब तक मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन नहीं हो जाता है, तब तक आदर्श आचार संहिता लगने की कोई संभावना नहीं है। ऐसी संभावना है कि, बिहार विधानसभा के 243 सीटों के लिए चुनाव आयोग के द्वारा तीन चरणों में चुनाव कराया जा सकता है। प्रथम चरण के चुनाव होने की संभावना , दुर्गा पूजा के बाद और दीपावली और छठ पर्व के पहले अक्टूबर माह में तथा नवंबर माह में दो चरणो मे इस चुनाव को संपन्न कराया जा सकता है। जैसे कि यह पूरी संभावना लग रही है। इसी संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन के अधिकारी और विभिन्न पार्टी के राजनीतिक दल के नेता व कार्यकर्ता चुनाव की तैयारी में लगे हुए हैं।
पटना पार्टी कार्यालय और पटना के वरीय नेताओं के सूत्रों के हवाले से जो यह खबर मिल रही है कि एनडीए और महागठबंधन के बीच सीटों का बंटवारा 15 अगस्त के बाद होने की संभावना है। महागठबंधन में राजद- 138 सीट पर, कांग्रेस को 54 सीट, वामदल को 30 सीट, और अगर वीआईपी महागठबंधन के साथ मिलकर चुनाव लड़ती है तो उसे 18 सीटे मिल सकती है। वही तीन सीट दूसरे दलों के लिए छोड़ा जा सकता है। मालूम हो की 2020 के विधानसभा चुनाव में राजद ने 144 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 75 सीटें जीती थी। कांग्रेस 70 सीटों पर चुनाव लड़ी थी और 19 सीट जीते थे। माले 19 सीटों पर चुनाव लड़ी और 12 सीट जीती थी, सीपीआई चार सीटों पर चुनाव लड़ी और दो सीट जीता, सीपीएम 6 सीटों पर चुनाव लड़ी और दो सीट जीता।
एनडीए के बारे में जो सूत्रों के हवाले से खबर मिली रही है।
उसमें जेडीयू 102 से 103 सीटों पर और बीजेपी 101 से 102 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है। वही चिराग पासवान एलजेपीआर को 25 से 28 सीटें मिल सकती है। जबकि मांझी को 6 से 7 सीट और कुशवाहा को चार से पांच सीट मिल सकता है ।पिछली बार 2020 में एनडीए में बीजेपी ने 110 सीटों पर चुनाव लड़ी थी ।जिसमें 74 सीट जीती थी। जेडीयू 115 सीटों पर चुनाव लड़ी थी। जिसमें मात्र 43 सीट जीता था। मांझी की पार्टी हम ने 7 सीटों पर चुनाव लड़ा।जिसमें चार सीट जीती ,वीआईपी 13 सीटों पर चुनाव लड़ी और मात्र चार सीट ही जीती, दोनों गठबंधन में इस फार्मूले में पार्टी के उम्मीदवार और उसकी ताकत को देखकर सीटों की शेयरिंग में 5% मात्र का बदलाव करने की संभावना लग रही है। बिहार में जिस दल का बहुमत 122 सीट हासिल कर लेगा। उसकी सरकार बिहार में बन जाएगा।








