देश के जवानों ने फांसी पर झूल कर भी देश को आजादी दिलाई। 15 अगस्त के दिन भारत आजाद हुआ था
आज के दिन देश के शहीदों जिन्होंने देश को आजाद करवाया उन्हें याद किया जाता है और श्रद्धांजलि दी जाती है ।
15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाते हुए लोगों द्वारा वीर सपूतो, जैसे नेताजी सुभाष चंद्र बोस , चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह,
सुखदेव एवं राजगुरु को देशवासी याद करते है।
बरौनी/बेगूसराय/संवाददाता महंत राम जीवन दास।
स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर देश से जुड़ी कुछ खबरें यह है कि
प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदरदास मोदी ने लाल किले पर झंडा तोलन करके देश को संबोधित किया ।देशभर में विभिन्न तरह के कार्यक्रम आयोजित किए गए, देश के वीर सेनानियों ने आजादी के लिए कई वीर जवानों ने अपने जान की बाजी लगा दी।
15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के रूप में इसलिए मनाते हैं ,कि इस दिन देश के नौजवानों ने अपना बलिदान देकर भारत को फिरंगियों के जाल से आजाद कराया था। जिस दिन से भारतवासी आजाद भारत में जीने लगे। हमारे देश के क्रांतिकारी सिपाहीय़ो ने आजादी के लिए हंसते-हंसते शुली पर झूल गए। और अपनी जान देकर उन्होंने देश की आजादी दिलाई। देश के वीर जवान चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह, और सुखदेव जी ने आजादी के लिए फांसी पर चढ़ना कबूल किया। फांसी पर चढ़ने वाले राजगुरु भी सामने आए,
नेताजी सुभाष चंद्र बोस आजाद हिंद फौज के नेता माने जाते थे। मंगल पांडे जो देश के सिपाही थे, जिन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ आजादी के लिए गोलियां चलाई, इन समस्त क्रांतिकारियों को भारतवासी आज के दिन विनम्र श्रद्धांजलि करते हैं। बताया जाता है कि सरदार किशन सिंह एवं माता विद्यापति के पुत्र थे भगत सिंह। जबकि पंडित सीताराम तिवारी और माता जगरानी देवी की पुत्र थे चंद्रशेखर आजाद । जबकि रामलाल जी और माता रैल़ली देवी के पुत्र राजगुरु थे। जबकि जानकी नाथ और माता प्रभावती के पुत्र सुभाष चंद्र बोस थे। वही दिवाकर पांडे और माता अभय रानी की पुत्र मंगल पांडे थे। ऐसे देश के माता-पिता ने अपने पुत्रों को देश की आजादी के लिए समर्पित कर दिया था ,। ऐसे भारत के वीर सपूतों ने देश की आजादी के लिए अपने को बलिदान कर दिया।
भारत की आजादी का 79वा वर्ष पर देश के कोने-कोने में बड़े ही धूमधाम से स्वतंत्रता दिवस मनाई गई। लोगों ने धूमधाम से झंडो तोलण कर लोगों और बच्चों के बीच जलेबियां बाटी,। आज के दिन स्वतंत्रता दिवस को लेकर बरौनी क्षेत्र के दुग्ध उत्पादन समिति की ओर से बरौनी डेयरी में डॉ राजेंद्र प्रसाद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर तिरंगा झंडा फहराया गया। वही फुलवरिया थाना परिसर में थाना अध्यक्ष ने धूमधाम से झंडा फहराकर झंडे को सैलयुट दी। जबकि भारतीय जनता पार्टी बरौनी मंडल के कार्यालय में मंडल अध्यक्ष के द्वारा धूमधाम से झंडो तोलन किया गया। वही स्काउट पार्क गढहारा परिसर में संबंधित अधिकारियों ने झंडो- तोलन कर झंडे को नमन किया, और शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। जबकि गढहारा थाना परिसर में जांबाज थाना अध्यक्ष ने झंडो तोलनकर देश के वीर सपूतों को नमन करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की । जबकि क्षेत्र के छोटे बड़े विद्यालयों में एवं व्यवसायिक जगह पर भी झंडो तोलण कार्यक्रम किया गया, वही बरौनी रेल परिसर में आरपीएफ, जीआरपी, एवं विभिन्न विभागों के रेल अधिकारियों ने झंडा तोलन किया और शहीदों को नमन करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। जबकि नवगठित बरौनी नगर परिषद कार्यालय में संबंधित अधिकारीयों धूमधाम से स्वतंत्रता दिवस मनाते हुए झंडोतोलण किया।
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भगत सिंह जी फांसी और उनके जवाब सहयोगियों ने पर चढ़कर देश को आजादी दिलाई
चंद्रशेखर आजाद जी ने अंग्रेजों से लोहा लेते हुए शहीद हो गए
सुखदेव जी भगत सिंह के साथ फांसी पर चढ़ गए
राजगुरु जी भगत सिंह के साथ वह भी फांसी पर चढ़ गए
नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी आजाद हिंद फौज के नेता थे
मंगल पांडे जी पहले देश के सिपाही थे जिन्होंने अंग्रेज के खिलाफ गोली चलाई इन सभी क्रांति
क्रांतिकारियों को समस्त पत्रकार के ओर से आप विलम श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं
भगत सिंह के पिताजी का नाम सरदार किशन सिंह एवं माता जी का नाम विद्यावती जी
चंद्रशेखर आजाद जी पिताजी का नाम पंडित सीताराम तिवारी जी एवं माता जी का नाम जगरानी देवी जी
राजगुरु जी के पिता राम लाल जी और माता जी रैलली देवी जी
राजगुरु जी के पिता जी हरि नारायण जी पार्वती बाई जी
सुभाष चंद्र बोस के पिता जी जानकीनाथ जी और माता जी प्रभावती जी
मंगल पांडे जी का पिताजी का नाम दिवाकर पांडे जी और माता जी अभय रानी जी
इन सभी क्रांतिकारियों को उनके माता-पिता ने देश के लिए अपने बच्चों को समर्पित किया।
इस अवसर पर रेल पुलिस के अधिकारियों, थाना क्षेत्र के बुद्धिजीवियों और थाना के अधिकारी एवं कांस्टेबल उपस्थित थे।


