धार्मिक झांकी दिखाई दे रही है, जिसमें भगवान कृष्ण की मूर्ति गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उंगली पर उठाए हुए है।
नोनपुर/ बेगूसराय संवाददाता राम आधार सहनी की रिपोर्ट
श्री श्री 108 श्री कृष्ण जन्म उत्सव पूजा समिति मेले में आये हुऎ तामम श्रद्धालु भक्त जनों को हदिँक अभिनंदन करते हैं । पिपरा दोदराज पंचायत के सभी ग्रामवासी।
तेघड़ा प्रखंड क्षेत्र के नोनपुर में श्री कृष्ण जन्मअष्टमी । इस झांकी में कई अन्य आकृतियाँ भी हैं, जिनमें से एक गाय की मूर्ति भी है। यह दृश्य हिंदू पौराणिक कथाओं के गोवर्धन पूजा प्रसंग को दर्शाता है। यह एक धार्मिक उत्सव का हिस्सा लगता है।
गोवर्धन पूजा दिपावली के अगले दिन मनाई जाती है, जो कि हिंदू कैलेंडर के अनुसार कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को पड़ती है। इस दिन, लोग गोबर से गोवर्धन पर्वत का चित्र बनाते हैं और उसकी पूजा करते हैं। इस पूजा का मुख्य उद्देश्य भगवान कृष्ण द्वारा इंद्र के क्रोध से गोकुल के लोगों और जानवरों को बचाने की कथा को याद करना और उनका सम्मान करना है।
पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान कृष्ण ने गोकुल के लोगों से इंद्र देव की पूजा करने के बजाय गोवर्धन पर्वत की पूजा करने के लिए कहा था। इससे इंद्र देव क्रोधित हो गए और उन्होंने गोकुल में भारी बारिश और तूफान, शुरू कर दिया। तब भगवान कृष्ण ने अपनी छोटी उंगली पर गोवर्धन पर्वत को उठा लिया और सभी गोकुलवासियों और उनके पशुओं को उसके नीचे शरण दी। सात दिनों तक इंद्र देव ने लगातार वर्षा की, लेकिन भगवान कृष्ण के पर्वत को उठाने के कारण वे सफल नहीं अंत में, इंद्र को अपनी हार माननी पड़ी और उन्होंने भगवान कृष्ण से क्षमा मांगी।
यह झांकी इसी घटना का चित्रण करती है, जिसमें भगवान कृष्ण को गोवर्धन पर्शउठाए हुए और उनके साथ गोकुल के लोग और गायों को दिखाया गया है।
कृष्ण जन्मअष्टमी समिति मुख्य अतिथि डॉक्टर राजेश कुमार कोषाध्यक्ष,
पूर्व मुखिया विश्वास प्रसाद अध्यक्ष
, उपेंद्र महतो अध्यक्ष ,
हीरारालाल सरपंच, अर्जुन महतों, महाराज सचिव शिव शंकर महतो, मनटुन कुमार, विजय शंकर महतों ,धर्मवीर कुमार ,प्रामोद कुमार, छोटू कुमार, सहनी अमरजीत माहतो आमीन विनोद माहतो बलमंत कुमार एवीएन अन्य ग्रामीण भी समील है।






