भक्ति और शक्ति का सामंजस्य का प्रतीक है सिंदूर-उपमुख्यमंत्री।माता जानकी के इस धारा को (सिमरिया धाम) संपूर्ण विकास किया जाएगा ।
सनातनी संस्कृति की रक्षा के लिए ओम शांति के बदले ओम क्रांति के पाठ का प्रयोग करना चाहिए-केंद्रीय मंत्री ।*बरौनी/बेगूसराय/ सच आज तक न्यूज़ संवाददाता महंत राम जीवन दास की रिपोर्ट
अखिल भारतीय सर्वमंगला सिद्धाश्रम सिमरिया धाम परिसर में श्री राम रात का शिलान्यास एवं गुरु पूर्णिमा के मौके पर आयोजित तीन दिवसीय संगोष्ठी के दूसरे दिन उपमुख्यमंत्री विजय सिंह ने पत्रकारों से वार्ता के क्रम में कहा की भक्ति और शक्ति का सामंजस्य का प्रतीक है सिंदूर। इसलिए सिंदूर के प्रतीक माता जानकी के इस धरा धाम को सजना ही चाहिए, और इसके लिए बिहार सरकार प्रतिबद्ध है। इसके साथ ही मिथिला का प्रवेश द्वार सिमरिया धाम का संपूर्ण विकास भी किया जाएगा। पत्रकारों द्वारा सिमरिया धाम आने वाले श्रद्धालुओं के साथ हो रही जींद हरे लूटपाट वह अपराधी घटनाओं के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि जिस तरह आज पटना में अपराधियों का एनकाउंटर हुआ इस तरह सिमरिया में भी अपराध करने वाले को कर जवाब दिया जाएगा।
समारोह के मुख्य अतिथि भारत सरकार के मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि अब हमें सनातनी संस्कृति की रक्षा के लिए ओम शांति के बदले ओम क्रांति के पाठ का प्रयोग करना चाहिए। दुनिया की कोई भी शक्ति हमारे सनातनी संस्कृति को क्षति नहीं पहुंचा सकता है। जिस तरह से यज्ञ की रक्षा के लिए प्रभु श्री राम का अवतरण हुआ था इस तरह हमें भी असली प्रकृति को नाश करने के लिए क्रांति पुत्र बना होगा। आने वाली समय में दोनों सरकार मिलकर-(केंद्र और बिहार) सिमरिया धाम के विकास के लिए हनुमान से भी अधिक विशाल पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करेगा।
इस अवसर पर और तिथियां के द्वारा सर्वमंगला विद्यापीठ द्वारा प्रकाशित कुंभ संस्कृति एवं विघ्न विनाशक स्तोत्र संग्रह पुस्तक का लोकार्पण भी किया। इस सत्र में मिथिला विश्वविद्यालय के पूर्व हिंदी विभाग के अध्यक्ष डॉ प्रभाकर पाठक, इतिहास विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉक्टर फुलेश्वर सिंह, विपिन कुमार झा, डॉक्टर रामकिंकर सिंह, मनोहर सिंह,प्रोफेसर अवधेश झा ने संगोष्ठी को संबोधित किया। समारोह का संचालन डॉक्टर घनश्याम झा ने किया। विषय प्रवेश श्याम सहाय तथा धन्यवाद विप दिनेश सिंह ने किया। सत्य का शुभारंभ स्वामी सिद्धार्थ मां जी महाराज एव रविंद्र ब्रह्मचारी ने सभी अतिथियों को मिथिला परंपरा के अनुसार अंग वस्त्र पाक और पुष्प गुच्छ से सम्मानित किया।
भारत सरकार एवं बिहार सरकार दोनों मिलकर आम जनों के कल्पना से भी बढ़कर सिमरिया धाम का विकास कर रही है और जल्द ही यहां जानकी पौड़ी भी बनेगी। 2029 में जब सिमरिया धाम में पूर्ण कुंभ होगा तो यहां बहुत कार्यक्रम होंगे और यहां से भगवान श्री राम वह जान जनक नंदिनी सीता करत भी निकलेगा। उक्त बातें केंद्रीय वस्तमंत्री शह स्थानीय सांसद गिरिराज सिंह ने कही। उन्होंने कहा कि पहले सिमरिया धाम आने वाले लोगों को₹200 बैरियर लगता था लेकिन राजस्व मंत्री ने इसका पुनः मूल्यांकन कर कहा कि अब यहां आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों को₹200 बैरियर नहीं लिया जाएगा।



