कानून की रखवाली कंरने बाला गैर कानूनी कार्य में रंगे हाथ पकड़े गए।
89,040 लीटर विदेशी शराब के साथ पकड़े गए बेगूसराय में कार्यरत सिपाही विद्या चरण।
गिरफ्तार सिपाही खगड़िया जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के दुर्गापुर गांव का रहने वाला है।भभुआ नगर थाना की पुलिस ने की गिरफ्तारी।
बरौनी/बेगूसराय/ सच आज तक न्यूज़ संवाददाता महंत रामजीवन दास की रिपोर्ट।
जब कानून के रखवाले ही89,040 लीटर विदेशी शराब के साथ गिरफ्तार किए जाते हैं तो अन्य शराब व्यापारी का क्या कहना ।शराबबंदी वाले बिहार में एक बार फिर से पुलिस की साख को बट्टा लगाते हुए एक सिपाही ही शराब तस्करी में पकड़ा गया है। भभुआ नगर थाना की पुलिस ने छापेमारी कर 89 लीटर यानी 484 बोतल विदेशी शराब के साथ बेगूसराय जिला बल में पदस्थापित सिपाही विद्याचरण और उसके एक सहयोगी को गिरफ्तार किया है। जबकि वाहन चालक भागने में सफल रहा। विदेशी शराब के साथ गिरफ्तार किए गए सिपाही विद्याचरण की तैनाती फिलहाल बेगूसराय में है। वह मूल रूप से खगड़िया जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के दुर्गापुर गांव का रहने वाला है, सुनील कुमार सिंह का पुत्र है। और उसके साथ में गिरफ्तार किए गए सिपाही के साथी गौतम कुमार बेगूसराय के नाव कोठी थाना क्षेत्र के महेश्वरा गांव निवासी जय जय राम का लड़का है,। पुलिस सूत्रों के अनुसार, गुप्त सूचना के आधार पर एक स्कॉर्पियो को रोका गया। जिसकी तलाशी के दौरान गाड़ी से विदेशी शराब बरामद की गई, जिसमें ट्रेटा पैक में रखे 385 पीस, ऑफिसर चॉइस ब्रांड के 180 एमएल के कुल 93 पैक (50+43) और 6 बोतल गॉडफादर बियर (प्रत्येक 500 एमएल) शामिल हैं। कुल बरामद शराब की मात्रा 89.040 लीटर है। पुलिस ने आरोपी सिपाही के पास से एक लोडेड सरकारी 9 एमएम की पिस्टल, उसमें लगी छह जिंदा कारतूस, बिहार पुलिस का पहचान पत्र और स्कॉर्पियो वाहन जब्त किया गया है। इस मामले में भभुआ नगर थाना के सहायक अवर निरीक्षक राजेश कुमार के बयान पर तीन लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि फरार चालक की तलाश जारी है। खबर सुनते ही बुद्धिजीवियों में तरह-तरह की चर्चाएं जोर पकड़ने लगी है। की क्या जनता के रखवाले कानून को पालन करने वाले ही जब अवैध शराब के व्यापार में मस्त हो जाते हैं तो फिर आम शराब व्यापारियों पर अंकुश लगाना मुश्किल सा लग रहा है। पुलिस कांस्टेबल को शराब के साथ गिरफ्तार होने पर तरह-तरह की चर्चाएं जारी है। कहां जाता है कि पैसे जमा करने की आर में पुलिस के सिपाही भी शराब के कारोबार में मस्त हो रहे हैं।
ऐसे में प्रशासन पर भी कैसे कोई विश्वास करेगा।



