गंगा के जलस्तर में कमी से बढ़ी लोगों की परेशानी ,साफ सफाई का अभाव और स्वच्छता बनी चुनौती
तेघड़ा/बेगूसराय सच आज तक न्यूज़ संवाददाता महंत रामजीवन दास की रिपोर्ट
पिछले कई दिन पहले तेघड़ा दियारा क्षेत्र में जलस्तर ऊंचाई पर था। जिससे निपनियां मघुरापुर से लेकर रात गांव भगवानपुर चक्की तक के इलाकों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। जिसके कारण निचले इलाके में लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। लेकिन पिछले दो दिनों की अपेक्षा बुधवार से जलस्तर में कमी आई है। गांव की आबादी तक पहुंचा पानी सिमटने लगा है। सिमटता पानी संक्रामक रोगों के संकेत दे रहा है, क्योंकि पूर्व में जब जब गंगा नदी सिमटी है तो दलदल से बीमारियां फैली हैं। ऐसे में स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट जारी करने की आवश्यकता है। अब स्वास्थ्य और स्वच्छता को लेकर क्षेत्र वासियों की चिंताएं बढ़ गईं। दियारा क्षेत्र के 50 बीघा से अधिक में लगी हरा चारा , पटल सहित अन्य फसलें पानी में डूब गईं। गांव की आबादी से पानी कुछ कम हो गया है, लेकिन दलदल की स्थिति बन गई है। कभी धूप कभी बारिश से उमस की स्थिति भी बन रही है। ऐसे में गंगा नदी के किनारे के गांव में बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग को सतर्क रहने की जरूरत दिख रही है, क्योंकि पिछले कई सालों से देखने को मिल रहा है कि जब जब बाढ़ का पानी कम होता है तब - तब तटवर्ती क्षेत्र में रोग फैलते हैं।
*एक साथ पड़ रही कई मार*
तटवर्ती क्षेत्रों के ग्रामीणों पर एक साथ कई मार पड़ रही है। पहले तो उनकी फसलें पानी में डूब कर बर्बाद हो गई है। मवेशियों का चारा प्रबंध करना मुश्किल हो रहा है, फिर बाढ़ से आबादी को भी खतरा दिख रहा है। इधर बाढ़ कम होने से संक्रामक रोगों का खतरा भी बढ़ रहा है। गंगा नदी के किनारे बाढ़ से बीमारियों का खतरा न बढ़े इसके लिए स्थानीय लोगों ने अनुमंडल पदाधिकारी तेघड़ा से मांग किया है कि क्षेत्र के चिकित्सा प्रभारियों और अधिकारियों को निर्देश जारी किया जाय कि वे निगरानी रखें। ताकि विभिन्न तरह की दवाइयां सहित बिलचिंग पाउडर की छिड़काव एवं स्वच्छता की समुचित व्यवस्था किया जा सके।


