पेड़ काटने पर हुआ विवाद विवाद करने वालों ने घर में घुसकर गोली मार कर ,कर दी हत्या । घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने हत्यारे के घर पर हमला कर तोड़फोड़ की।
दिन के 11:00 बजे हुई हत्या के विरोध में ग्रामीणों ने वीरपुर, बेगूसराय ,सनजात पथ पर, नौला चौक के समीप लगभग 6 घंटे तक सड़क को जाम कर दिया।
जिला प्रशासन डाल- डाल तो अपराध कर्मी पात-पात।
पूर्व से चली आ रही जमीनी विवाद को लेकर घटना की बात बताई जाती है।
बेगूसराय/ बरौनी/ सच आज तक न्यूज संवाददाता महंथ राम जीवन दास की रिपोर्ट।
इन दिनों जिले के अंदर कब, किस समय ,कौन सी घटना घट जाए कहना मुश्किल है। अपराध कर्मी अपने विरोधियों की कभी गोली मारकर तो कभी तेज हथियार से गला रेत कर हत्या करने मे अग्रसर देखे जाते हैं। पहले तेघड़ा थाना क्षेत्र के बरौनी एक पंचायत में घात लगाए अपराधियों ने 45 वर्षीय एक किसान की दियारा डेरा पर जाने के दौरान गला रेत कर हत्या कर दी थी, फिर गढहारा थाना क्षेत्र में लगभग 22 वर्षीय एक युवक की गला रेत कर हत्या कर दी। अब पूर्व से चली आ रही जमीनी विवाद को लेकर पेड़ काट रहे एक युवक को अपराधियों ने बात विवाद के बाद घर में घुसकर गोली मार कर हत्या कर दी। एक विवाद सुलझता नहीं, और दूसरी घटना घट जाती है।
बताया जाता है कि मंगलवार को दिन के 11:00 बजे एक युवक पेड़ काट रहा था, इसी बीच एक अपराधी आकर उसके साथ बात विवाद और गाली गलौज किया। युवक वहां से भाग कर अपने घर में समा गया। लेकिन अपराधी ने उसके घर में घुसकर गोली मार कर उसकी हत्या कर दी। मृतक की पहचान नौला निवासी संजय शाह के 22 वर्षीय पुत्र सुजीत कुमार के रूप में की गई है।
घटना की खबर पाते ही ग्रामीणों ने आरोपित के घर में जमकर बवाल और तोड़फोड़ की। इतना ही नहीं आक्रोशित ग्रामीणों द्वारा बेगूसराय, सनजात पथ पर नौला चौक के समीप सड़क को जाम कर दिया और 6 घंटे तक सड़क को जाम रखा। जब तक आला कमान नहीं पहुंचे।
परिजनों के अनुसार मृतक घर के बगल में एक पेड़ काट रहा था, इसी दौरान आरोपित वहां आया और उससे बात विवाद करने लगा, उसके बाद सुजीत अपने घर भाग गया। लेकिन आरोपी द्वारा घर में समाकर सुजीत को गोली मार दी । जो गोली उसके सीने में लगी। जिस कारण घटनास्थल पर ही उसने दम तोड़ दिया। मृतक चार भाइयों में मंझिल था तथा गांव में ही चाय लिट्टी चोखा की दुकान चलाता था वही उसका बड़ा भाई अजीत शाह पिता संजय शाह के साथ ही अपना हलवाई वाला काम करता था और दोनों छोटे भाई रवि शंकर व मिथुन अभी पढ़ाई करता है। मृतक की तीन बहने भी है मृतक की मां लालो देवी बहन रूपम कुमारी, शहित सभी परिजनों में कोहराम मच गया। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों में भी कोहरा मच गया। ग्रामीणों के अनुसार अपराधी दबंग प्रवृत्ति का व्यक्ति है ।सूत्रों के अनुसार हत्यारा आपराधिक मामले में जेल भी जा चुका है। घटना पर गुस्सए ग्रामीणों ने बेगूसराय ,सनजात पथ को नौला चौक के समीप सड़क को जाम कर दिया।
घटना की खबर पाकर तेघड़ा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी डॉक्टर रविंद्र मोहन प्रसाद, तेघड़ा इंस्पेक्टर संतोष कुमार, स्थानीय थाना अध्यक्ष चंदन कुमार दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर आक्रोशित ग्रामीणों को समझा बूझकर जाम हटवाने का भरपूर प्रयास किया लेकिन ग्रामीण उच्च अधिकारियों को बुलाने की मांग पर अरे हुए थे। लगभग 6 घंटे के बाद लगभग 6:00 बजे आरक्षी अधीक्षक मनीष कुमार घटनास्थल पर पहुंचकर लोगों को समझा बूझकर जाम हटवाया और , मृतक के शव को अपने कब्जे में लेकर शव को पोस्टमार्टम हेतु बेगूसराय सदर हॉस्पिटल भेज दिया।
बताया जाता है कि आक्रोशित ग्रामीणों द्वारा लगातार अपराधी को शीघ्र गिरफ्तार करने की मांग कर रहे थे। आरक्षी अधीक्षक के आश्वासन के बाद जाम स्थल से लोग हटे । आक्रोशीत द्वारा इस भीषण गर्मी में भी 6 घंटे तक सड़क को जाम रखा।
घटना उपरांत संबंधित थाना पुलिस अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए सघन छापा -मारी अभियान में जुटी हुई है। बताया जाता है कि ग्रामीणों द्वारा घटनास्थल से तीन गोली और एक खोखा बरामद कर पुलिस के हवाले किया।
विकसित हो कि पिछले बुधवार को थाना क्षेत्र के मानेपुर गांव निवासी अमरजीत शाह की लगभग 19 मां की पुत्री को पड़ोसी छोटू महतो ने गोली मार कर हत्या कर दी थी। वही बृहस्पतिवार की सुबह थाना क्षेत्र के ताजपुर तीन बटिया स्थित सड़क किनारे वैशाली जिला का एक युवक का सब बोर में बंद मिला था एक सप्ताह पीते पीते मंगलवार को दिनदहाड़े नवल गांव में युवक सुजीत कुमार को बेखौफ़ अपराधियों ने घर में घुसकर गोली मार कर हत्या कर दी। चर्चा है कि अपराधी तो अपना काम करते हुए घटना को अंजाम दे देता है उसके बाद प्रशासन भी अपने काम के साथ शब को पोस्टमार्टम करा कर परिजनों को सौंप कर, आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जांच अभियान जारी कर देती है। और मृतक के परिजनों में कोहराम मचा रहता है। एक कहावत है कि जिस मां ने अपने बच्चों को 9 महीने तक कोख में रखकर प्रसाद पीड़ा सागर उसे पर पोस्टर जवान किया। वह मां तो अपने पुत्र के लिए जीवन भर रोती रहती है। वही बहन जो अपने भाई को हाथों में राखी बांधकर अपनी सुरक्षा की गारंटी लेती है वह लगभग छह माह तक भाई की याद में रोती बिलखती रहती है। वही जिसने अग्नि को साक्षी मानकर साथ फेरे लेकर जीवन भर जीने मरने का काम खाती है वह अर्धांगिनी ( पत्नी) अपने पति का तेरहा कर्म होने के बाद अपनी मायाजाल और अपनी दिनचर्या में सब कुछ भूल जाती है। सिर्फ माही अपने पुत्र के याद में जीवन भर रोती रहती है।वही मृतक के अन्य परिजन रिश्तेदार एवं ग्रामीण भोज खाने तक ही उन्हें याद करते हैं फिर अपने माया जाल में फंसकर अपने कार्य में लग जाते हैं, । यही समाज की रीति बनी हुई है। गलत का विरोध करना कोई नहीं चाहता। अगर सही में गलत का विरोध होना शुरू हो जाए तो फिर क्या गलत होगा?



