श्री जानकी जन्मोत्सव का सात दिवसीय समारोह मनाया गया।
बरौनी सच आज तक न्यूज़ संवाददाता यदुनंदन जी की खास रिपोर्ट।
श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर आलापुर के प्रांगण में श्री जानकी जन्मोत्सव समिति, श्री राम चरित मानस प्रचार संघ तथा मिथिला मंथन के संयुक्त तत्वावधान में आदि शक्ति श्री जानकी जन्मोत्सव सात दिवसीय समारोह के रूप में भव्यता के साथ मनाया गया।आज समारोह के अंतिम दिन आदि शक्ति जगत जननी माता सीता का जन्मोत्सव पर आदि संगोष्ठी द्वारा राम चरित मानस परायण तथा संगोष्ठी भी आयोजित किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली परिषद् के संस्थापक तथा मिथिला मंथन के संरक्षक डॉ धनाकर ठाकुर ने अपने उद्बोधन में आदि शक्ति जानकी के विराट व्यक्तित्व को परिभाषित करते हुए कहा कि आज भी माता जानकी सर्वाधिक ऊंचाई पर हमारे बीच व्याप्त हैं, जैसे हम आम बोलचाल में तथा परस्पर सम्बोधन में जय श्री राम कहते हैं तो उनमें श्री में माता जानकी ही प्रतिस्थापित हैं। जानकी को प्रतिष्ठित करने के लिए ही राम से पहले श्री उच्चारित किया जाता हैं,जो श्री सिया जी के लिए ही है। समारोह को संबोधित करते हुए मिथिला मंथन के संयोजक प्रो पी के झा प्रेम ने आयोजन समिति का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आज भी यह समारोह अनवरत विशिष्ट रूप में आयोजित होता रहा है, यहां के लोग साधुवाद के पात्र हैं। प्रो प्रेम ने डॉ धनाकर ठाकुर जी के सुझाव को समर्थन देते हुए भारत सरकार से मांग किया कि जानकी जन्मोत्सव दिवस को राष्ट्रीय महिला दिवस में मनाया जाय। समारोह में अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में श्री राम चरित मानस प्रचार संघ के प्रांतीय महामंत्री तथा मिथिला मंथन के संरक्षक आचार्य संजय शास्त्री जी कहा कि सीता जी के कारण हम विश्व में पूजित हैं, सीता सहनशीलता और उदारता की प्रतिमूर्ति हैं।वो आज भी हमारे बीच हर घर में विद्यमान हैं। उनके कृपा से ही मिथिला आज भी विश्व विरादरी में पूजित हैं। समारोह में स्थानीय सैकड़ों ग्रामीणों के अतिरिक्त दर्जनों मिथिला सेवी उपस्थित थे, जिनमें प्रमुख हैं, डॉ धनाकर ठाकुर, प्रो पी के झा प्रेम, सुरेश पासवान, सुशांत चन्द्र मिश्र, प्रभात कुमार,पवन कुमार राय, अरुण कुमार चौधरी, वरुण मिश्र आदि उपस्थित थे। समारोह का संचालन गणेश चौधरी ने किया तथा जन्मोत्सव समारोह में मैथिली भजन गायिका रागिनी झा ने भी बधाईयां गा कर दर्शकों को झुमा दिया।इस अवसर पर श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर के महंत श्री आचार्य संजय शास्त्री ने सभी अतिथियों को मिथिला परम्परा के अनुसार अंगवस्त्र से सम्मानित किया।अंत में संघ के सचिव सुशांत चन्द्र मिश्र ने धन्यवाद ज्ञापन किया।




