सदलपुर पंचायत के सरपंच के पति एवं अपहरण कांड के मुख्य आरोपी कुख्यात अपराधी डब्लू यादव के घर पर चला बुलडोजर।
बुधवार के देर शाम साहेबपुर कमाल पुलिस ने कुख्यात अपराधी डब्लू यादव के घर की कुर्की जपती के दौरान बुलडोजर चलाकर खिड़की -किवारी तक छुरा लिया।
मौके पर बलिया एसडीएम, एसपीओ नेहा कुमारी एवं थाना अध्यक्ष राजीव रंजन कुमार के नेतृत्व में कुर्की जपती की कार्यवाही की गई।
इस अवसर पर सैकड़ो जवान अपराधी के घर के चारों ओर ड्यूटी कर रहे थे।
चर्चा के अनुसार पंचायत के सरपंच( न्यायाधीश) पंचायत के लोगों का फैसला करते थे लेकिन अपने पति के किए गए कुक्कृतियों को फैसला करने में विफल क्यों हो गई।
आखिर लगभग 110 घंटे के बाद आम जनता की सूचना पर मुसाफिल थाना मुंगेर द्वारा बालू के ढेर में गड़े हुए राकेश कुमार उर्फ विकास कुमार की छत-विछत लाश बरामद की गई।
बेगूसराय/ बरौनी/ सच आज तक न्यूज़ संवाददाता महंत रामजीवन दास की रिपोर्ट । साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र में लगभग चार दिनों पूर्व सदलपुर गांव से हथियारबंद लगभग 10 अपराधियों द्वारा हम पार्टी के स्थानीय नेता एवं 20 सूत्री सदस्य राकेश कुमार उर्फ विकास कुमार का हथियार के बल पर अपहरण कर लिया। जिस मामले में पीरित परिजनों द्वारा नौ लोगों आरोपित करते हुए मामला दर्ज कराई। जिसमें पंचायत के सरपंच एवं उनके सातिर अपराधी पति डब्लू यादव को मुख्य आरोपी बनाया गया। घटना उपरांत आकोर्षित ग्रामीणों द्वारा स्थानीय एण एच को जाम कर अप हरित की बरामदगी एवं अपहरण करता की गिरफ्तारी की मांग की गई। जिला प्रशासन द्वारा इस मामले का 24 घंटे में उद्बोधन करने के वादे के बाद जाम हटाई गई, लेकिन चार दिनों तक पुलिस द्वारा जगह-जगह छापामारी के बावजूद ना तो अपहरण करता पकड़े गए और ना ही अपहरित ही बरामद हुआ। पुलिस ने कार्यवाही करते हुए न्यायालय से सभी आरोपियों के नाम वारंट निकालकर एवं कुर्की जपती वारंट निकालकर आगे की कार्यवाही में जुट गई। इस क्रम में मुख्य आरोपी के पत्नी सरपंच एवं एक दूसरे आरोपी के पत्नी को गिरफ्तार कर न्यायालय के माध्यम से जेल भेज दिया। जबकि आरोपियों के घर इश्तिहार चिपका कर आगे की कार्यवाही में जुट गई। बताया जाता है कि जिला प्रशासन के आदेश पर मुख्य आरोपी व यादव के घर को सैकरों पुलिस जवानों के साथ घेर कर मुख्य आरोपी के घर की कुर्की जपती की गई ,एवं बुलडोजर से खिड़की केवाड़ी तक निकाल ली गई। पुलिस द्वारा शक्ति किए जाने पर सभी आरोपियों के घरों के परिजन अपना अपना घर छोड़कर भागने को मजबूर है। लेकिन अभी तक सात- नाम जद शातिर अपराधी( अपहरण करता) या अपहरीत की कोई भी जानकारी प्रशासन के हाथ नहीं लगी है। जबकि प्रशासन ने अपराधी की सूचना देने वालों को ₹25000 इनाम देने की घोषणा के साथ-साथ उनके नाम को गुप्त रखने की बात कही गई है।
जिले के बुद्धिजीवियों में हो रही चर्चा की गर माने तो आखिर अपहरण करता अप हरित को लेकर किस बिल में समा गया है जिसकी जानकारी जिला प्रशासन सहित जिले के आम जनता को भी नहीं मिल रही है। जबकि कहा जाता है कि अपराधी जमीन के नीचे भी छिप जाए तो कानून के हाथ इतने लंबे होते हैं ,। उन्हें ढूंढ निकलती है।
आखिर आम जनों की सूचना पर मुंगेर पुलिस ने दियरा इलाके से बालू में दफनाया गया राकेश कुमार उर्फ विकास कुमार की छत बछत लाश गुरुवार की सुबह बरामद की गई ।
सूचना पाते ही परीजनो ने साहेबपुर कमाल थाना के पुलिस के साथ मुंगेर मुसफिल थाना पहुंच कर लाश की पहचान कर ली है।
लगभग 110 घंटे बाद मुंगेर मुसफिल थाने की पुलिस ने बालू से ढका हुआ अपहरित की लाश बारामद की।
मुंगेर मुसफिल थाना पुलिस के अनुसार गुरुवार के अहले सुबह ग्रामीणों के द्वारा सूचना मिली की बालू के अंदर से एक हाथ बाहर दिख रहा है। पुलिस ने स्तल पर पहुंचकर जब जगह की खुदाई की तो उससे राकेश कुमार उर्फ विकास कुमार की छात बिछत लास बरामद की गई, जिसकी सूचना साहेबपुर कमाल थाना पुलिस को तत्क्षण दी गई। जहां की पुलिस ने मृतक के परिजनों को साथ लेकर जब मुंगेर पहुंची तो लास को देखते ही दहार मारकर रोने लगे।
पुलिस ने लाश की पहचान होने के बाद मुंगेर सदर हॉस्पिटल पोस्टमार्टम हेतु भेज दिया है। वहीं पुलिस सूत्रों के अनुसार अपराधी भी पुलिस के दबाव के आगे भागने के क्रम में अपहरण के दिन ही अप हरित युवक की नेशंस ढंग से हत्या कर दियारा के बालू में गढा खोदकर उसमें डाल दिया था लेकिन संजोग से एक हाथ उसका बालु से बाहर ही रह गया, जिस कारण गुरुवार के अहले सुबह दियारा जाने वाले ग्रामीणों द्वारा देखे जाने के बाद पुलिस को सूचना मिली और पुलिस ने शब को बरामद किया, फिर इसकी सूचना संबंधित थाना पुलिस को दी, परिजनों द्वारा लाश की पहचान किए जाने के बाद उसे पोस्टमार्टम में भेज दिया गया।



