आंधी-तूफान ने मचाई तबाही, गरीबों के कई आशियाने उजड़े, कई पेड़ सहित अयोध्या घाट के कई होटल हुए धराशायी।
सच आज तक न्यूज़ संवाददाता अशोक कुमार ठाकुर की खास रिपोर्ट
13 अप्रैल 2025
प्रखंड क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से मौसम के बदलते मिजाज से लोगों की परेशानी बढ़ गयी है। वैशाख के महीने में जहां अभी चिलचिलाती धूप पड़नी चाहिए वहां हर दिन बारिश हो रही है मानो आषाढ़ का महीना आ गया हो। शनिवार की रात्रि 10: बजे के बाद देर तक तेज हवा व बारिश ने दर्जनों पेड़ों को जमींदोज कर दिया। अनेक स्थानों पर बिजली के खंभे टूट गए। बिजली के तारों पर पेड़ों की डालियां गिर गईं। फलस्वरूप लोगों के घरों की बिजली गुल हो गई। महज कुछ देर तक चले आंधी, तूफान ने बिजली विभाग को भारी क्षति पहुंचाई है। तेघड़ा नगर के सहायक अभियंता अभिषेक रंजन ने बताया कि एक अनुमान के अनुसार विभाग को एक-डेढ़ लाख रुपये की क्षति हुई है। दर्जनों स्थानों पर बिजली के तार के अलावे 30 की संख्या में खंभे गिर जाने से विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई । अनेक स्थानों पर टूटे बिजली के खंभों व तारों की मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्र में देर शाम तक विद्युत आपूर्ति बहाल कर ली जाएगी। वहीं ग्रामीण क्षेत्र में लगभग एक घंटे आंधी तूफान के साथ भारी बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। कई घरों पर पेड़ गिर गए, जिससे घर क्षतिग्रस्त हो गया। तेघड़ा नगर परिषद के वार्ड संख्या 26 में नगर परिषद द्वारा लगाया गया पानी टंकी पीसीसी रोड पर नीचे गिर जाने से रास्ता अवरुद्ध हो गया। वहीं तेघड़ा के अयोध्या मिथिला गंगा धाम घाट पर घाट की शोभा बढ़ा रहे दर्जनों दुकान एवं कई होटल बास खड़ और अल्बेस्टर के बनाए गए सुसज्जित होटल भी धराशाई हो गया जिससे एक तरफ दुकानदारों की बड़ी क्षति हुई वही गंगा धाम घाट के ख़ूबसूरती को तबाह कर दिया। अब दुकानदारों एवं होटल के संचालकों के समक्ष रोजगार ठप होने के साथ ही फिर से सुसज्जित दुकान और होटल का निर्माण करना एक बड़ी मुसीबत खड़ा हो गया है। वहीं दूसरी ओर मेन राष्ट्रीय राजमार्ग 28 सहित अन्य रोडों के किनारे पेड़ गिर जाने से सुबह-सुबह गाड़ी घोड़ा का आवागमन बाधित हो गया था। स्थानीय लोगों के मेहनत के आधार पर गिरे पेड़ को हटाया गया। तेघड़ा नगर परिषद बाजार एवं अन्य वार्डों में जल निकासी हेतु नालियों की सही व्यवस्था न होने से बारिश का पानी कई दुकानों में घुस गया। इसके अलावे कई जगह पानी लगने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सबसे अधिक क्षति किसानों को उठानी पड़ी है। आम के पेड़ में लगे मंजर में गोटा, कटहल, केला सहित अन्य बागवानी को भारी क्षति हुई है। साथ ही खेत में लगे एवं कटे हुए गेहूं, मक्का सब्जी सहित खेत में रखे भूसों की ढ़ेर पानी और तूफान की वजह से। किसानों को बड़ी नुकसान पहुंचा है। बरौनी 2 के मुखिया प्रतिनिधि सह देवराज सिंह ने बताया कि बरौनी दियारा क्षेत्र में अभी भी 75% गेहूं की कटाई और दमाहि माहि नहीं हुई है। जो गेहूं और भूसा सरने की स्थिति में है। वही सैकड़ों एकड़ में लगी पटल और अन्य सब्जी की फसल का फूल और फल को भारी नुकसान पहुंचा है।



