प्राकृति ने किसानों कि उम्मीदों पर मारा आफ़त का डंडा* टेंशन में किसान
शनिवार रात्रि तेज बारिश आंधी-तूफान ने अन्नदाताओं को संकट में डाल दिया है।बेगूसराय जिले में एक बार फिर से तेज आंधी-तूफान बारिश ने किसानों के लिए आफत बनकर आई आंधी-पानी से फसलों की व्यापक क्षति हुई है। इस तूफान में आम का फल का बहुत नुकसान हुआ है जितना भी छोटा दाना था इस तूफान हवा में गिर गया बारिश के साथ तेज हवा के झोंके ने खेतों में कटे एवं लगे हुए गेहूं की फसल को बड़े पैमाने पर नुकसान किया है। वही मक्का की फसल भी खेतों में गिरकर नष्ट हो गया है। इस बारिश से खेतों में कटी हुई गेहूं कि फसल के सड़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। बरौनी प्रखंड के के विभिन्न किसानों ने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि आफत बनकर आई तूफ़ान और बारिश में अब गेहूं के फ़सल से संतोष करना होगा। क्योंकि पिछले 9 अप्रैल से यह बारिश शुरू हुआ और अधिकांश किसानों का गेहूं का फ़सल खेतों में कटे हुए पड़ा है। जो लगातार पानी पड़ने से नष्ट होने के कगार पर आ गया। किसानों ने कहा कि अब तक कृषि विभाग के कोई कर्मी फसलों की हुई क्षति किसानों ने इलाके में हुई आंधी पानी से फसलों की हुई क्षति का मुआवजा दिलवाने की मांग जिला कृषि अधिकारी से की है।फसलों को नुकसान पहुंचने के कारण किसानों के बीच मायूसी छाई हुई है। किसानों ने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि हम सब छोटे मोटे किसान कर्ज उधार लेकर खेती किसानी करते हैं, और आज़ जब घर ले जाने का समय आया तो सब कुछ प्रकृति ने छीन लिया। किसानों ने बताया कि खेत वाले को माल गुजरी कैसे दी जाएगी हरिनाथ राय शिवनाथ राय बैजनाथ राय


