रोजा और इफ्तार बढ़ाता है आपसी भाईचारा ।
बरौनी। सच आज तक न्यूज संवाददाता यदुनंदन जी की रिपोर्ट
पवित्र माह रमजान के रोजा और इफ्तार में शिरकत करने से आपसी भाईचारा बढ़ता है। साथ ही रोजादारों को रोजा ओर इफ्तार करने वालों पर अल्लाह की रहमत बरसती है। उक्त बातें शुक्रवार को ठकुरीचक नसीम अहसन ने कहा। उन्होंने कहा कि मुस्लिम विद्वानों के अनुसार, रोजा सिर्फ भूखे और प्यासे रहने का नाम नहीं है, बल्कि रोजा के दौरान मुस्लिम अकीदतमंद हरेक प्रकार के गुनाहों से बचते हैं तथा इफ्तार के समय जब बैठते हैं तो उस वक्त अल्लाह के सामने प्रार्थना करते हैं। इससे उनके सभी गुनाह अल्लाह की रहमत से माफ कर दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि इफ्तार के समय रोजादारों के लिए दरिया की मछलियां भी भलाई की दुआएं करती हैं। ऐसी मान्यता है कि रोजा और इफ्तार के समय की गई प्रार्थना कुबूल होती है। इस मौके पर वसीम हसन हैदर राजा फहीम हसन हाफिजुर रहमान मोहम्मद सुलेमान फिरोज अख्तर बारिश अली मोहम्मद अशरफ आदि रोजेदार उपस्थित थे ।



