पछुआ हवाएं गेहूं की फसल पर बनी आफत, तेज हवा से किसान परेशान तेज पछुआ हवा चलने से गेहूं की फसल को नुकसान
तेघड़ा/बेगूसराय कई दिनोंसे तेज रफ्तार पकड़ चुकी पछुआ हवा खेतों में लहलहा रही गेहूं की फसल पर आफत बनकर टूट पड़ी है। इस दौरान किसान फसल में सिंचाई करें तो मुश्किल, न करे तो नुकसान। यह दुविधा किसानों के लिए गले की फांस बन गई है। समय से पहले पछुआ हवा चलने से गेहूं की फसल में नुकसान की आशंका बनी है। बारिश नहीं होने से खेतों में नमी कम है। पछुवा हवा फसल में बरकरार नमी को सुखा रही है। ऐसे में पौधा जल्द सूखने के साथ ही दानों में भी सिकुड़न आएगी। पैदावार प्रभावित होगी। वहीं इस बार सरसों उत्पादन में भी भारी गिरावट से किसानों का कमर टूट गया है । गेहूं की बुआई से लेकर फसल पकने तक पौधों को खेतों में ठंड की विशेष आवश्यकता होती है। क्योंकि जब खेतों में नमी रहती है तब पौधे ऊपर बढ़ने के बजाय जड़ों से कल्ले लेते हें, जिससे अच्छी पैदावार होती है। इस बार समय से पहले तेज पछुआ हवा चलने से फसल को नुकसान पहुंच रहा है। गेंहू के पौधों में बाली निकल आई है, उनको तेज पछुआ हवा से नुकसान है। गेहूं को पकने के लिए 120 से 130 दिन का वक्त चाहिए होता है। तापमान 20 से 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहे तो हालात ज्यादा अनुकूल साबित होते है। लेकिन इस बार समय से पहले तेज पछुआ हवा चलने से पौधा जल्द सूखने के साथ ही दानों में भी सिकुड़न आएगी। वजन कम होने के साथ ही पैदावार पर बुरा असर पड़ेगा। किसान चिंतित हें। तेज हवा में फसल सिंचाई करने पर उसके गिरने की आशंका है। किसानों की माने तो फसल अगता हो या पछता मार्च के पहले सप्ताह तक ही सिंचाई कर सकते हें । इसके बाद तो सिंचाई करने से नुकसान ही होगा। पछुआ हवा ने सबकी सांस अटका दी है। प्रखंड क्षेत्र के किसान मौसम के बेरुखी को देख ऊपर वालों से विनती कर रहे हें।


