फसल विविधीकरण अपनाकर दोगुनी आमदनी करें किसान जलछाजन विकास योजना अब उतरेगी धरातल पर
जीविकोपार्जन अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों को परिक्रामिक निधि उपलब्ध कराई जा रही है।
सच आज तक अशोक कुमार ठाकुर
तेघड़ा/बेगूसराय
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (जलछाजन विकास घटक) टू अंतर्गत सोमवार को उत्तर तेघड़ा अंतर्गत पिपरा दोदराज पंचायत भवन के प्रांगण में। जलछाजन वाटरशेड यात्रा का शुभारंभ जल संचयन से संबंधित शपथ दिलाकर आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पंचायत के मुखिया सह अध्यक्ष नीरज प्रभाकर ने किया। इस दौरान परियोजना क्षेत्र के ग्राम परबन्दा में उपनिदेशक न्यूटन कुमार ,कृषि सहायक निदेशक रामकृष्ण कुमार, अकाउंटेंट प्रमोद कुमार, कृषि अभियंत्रण रामानंद रजक , प्रखंड कृषि पदाधिकारी तेघड़ा मुकेश कुमार एवं जालछाजन विकास दल के द्वारा संयुक्त रूप से आहर का भूमि पूजन किया गया। साथ ही आहर का लोकार्पण किया गयाजिसमे किसानों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।श्रमदान के माध्यम से पौधारोपण भी किया गया। सहायक निदेशक (शष्य) के द्वारा परियोजना क्षेत्र में किसानों के लिए चलाई जा रही योजनाओ के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दी गई जिसमें प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन अंतर्गत निर्मित संरचनाओं के महत्व पर प्रकाश डाला गया। इन संरचनाओं से जल संचयन कर इसका प्रयोग सिंचाई के लिए करने के लिए किसानों को प्रेरित किया गया। जीविकोपार्जन अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों को परिक्रामी निधि उपलब्ध करायी जा रही है।
उत्पादन प्रणाली अंतर्गत उन्नत प्रभेदों का बीज किसानों को अनुदानित दर पर उपलब्ध कराया जा रहा है। विदित हो कि ग्रामीणों के बीच जागरूकता फैलाने हेतु वाटरशेड यात्रा की तैयारी पूर्व से ही की जा रही थी जिसके तहत दिवाल लेखन, प्रभात फेरी का आयोजन किया गया था। इसके अलावा पानी की पाठशाला अंतर्गत उच्च माध्यमिक विद्यालय पिपरा दोदराज के छात्र-छात्राओं के बीच चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था जिसमें प्रथम द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त छात्र छात्राओं को प्रशस्ति पत्र एवं ट्रॉफी से सम्मानित किया गया। परियोजना क्षेत्र के ग्रामीण कृषक संजीव सुमन, उमेश कुमार, आलोक कुमार एवं संजय वर्मा जिनके द्वारा जलछाजन के क्षेत्र में अद्वितीय योगदान दिया गया है उन्हें वाटरशेड मार्गदर्शक सम्मान से सम्मानित किया गया। मुखिया सह जलछाजन अध्यक्ष नीरज प्रभाकर एवं समिति सचिव नीरज कुमार को भी उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। प्रखंड कृषि पदाधिकारी मुकेश कुमार द्वारा विविधीकरण के रूप में उरद, मूंग, सूरजमुखी, मूंगफली, शंकर मक्का की खेती को अपनाने की सलाह दी गयी। गरमा मौसम में विभाग के द्वारा अनुदानित बीज के बारे में जानकारी दी गयी।उप परियोजना निदेशक न्यूटन कुमार के द्वारा बेबी कार्न खेती के लिए किसानों को जागरूक किया गया ताकि फसल विविधीकरण को बढ़ावा मिल सके एवम फसल उत्पादन की योजनाओं के बारे में विस्तृत रूप से चर्चा की गई एवं उपस्थित किसानों को इन योजनाओं का लाभ लेने का आवाहन किया गया। कृषि अभियंता रामानंद रजक के द्वारा किसानों से जल संरक्षण के लिए उचित कदम उठाने का आग्रह किसानों से किया गया। मौके पर जनप्रतिनिधि, तकनीकी विशेषज्ञ, जलछाजन विकास दल एवं कार्यालय के अन्य कर्मी उपस्थित थे।


