हाथी पांव का नहीं है कोई इलाज समय पर जरुर खाएं फाइलेरिया रोधी दवा :सिविल सर्जन
सर्वजन - दवा सेवन अभियान हेतु एकदिवसीय मीडिया कार्यशाला का हुआ आयोजन
सदर शहरी क्षेत्र सहित जिले के प्रखंडों में चलेगा सर्वजन दवा सेवन अभियान
सच आज तक संवाददाता अशोक कुमार ठाकुर की खास रिपोर्ट
फाइलेरिया उन्मुलन्न हेतु आगामी 10 फ़रवरी से जिले में सर्वजन दवा सेवन अभियान चलाया जाना है। इस अभियान की सफलता एवं जन -मानस में जागरूकता हेतु सदर अस्पताल के सिविल -सर्जन सभागार में एक दिवसीय मीडिया कार्यशाला का आयोजन किया गया । ये आयोजन स्वास्थ्य विभाग एवं सिफार के सहयोग से किया गया .
कार्यशाला में आये हुए मीडिया कर्मियों को संबोधित करते हुए सिविल -सर्जन डॉ अशोक कुमार ने कहा कि फाइलेरिया एक गंभीर बीमारी है जो अगर किसी इंसान को हो जाता है तो वो पूरी जिंदगी अपंगता के साथ जीने को विवश हो जाता है .इसलिए मैं आप सभी मीडिया बंधुओं के माध्यम से अपील करना चाहता हूँ की सर्वजन - दवा सेवन अभियान में फाइलेरिया से बचने हेतु जरुर दवा खायें।
डॉ कुमार ने कहा की ये अभियान कुल 17 दिनों तक चलेगा जिसमे शुरू के 14 दिनों तक डोर टू डोर जाकर टीम लोगों को दवा अपने सामने खिलाएगी उसके बाद अंतिम 3 दिनों तक बूथ लगाकर लोगों को दवा खिलाया जाएगा । इस अभियान के लिए जिले में 34 ,90,423 लोगों को दवा खिलने हेतु लक्ष्य निर्धारित किया गया है । जिसके लिए 1533 के साथ 150 सुपरवाइजर का गठन किया गया है। डॉ कुमार ने कार्यशाला में आये हुए मीडिया से सर्वजन -दवा सेवन अभियान में सहयोग के लिए भी अपील किया । उन्होंने बताया की जिले के दो प्रखंड बरौनी एवं छौडाही में सिफार के द्वारा पीएसपी गठन कर समुदाय को फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के लिए जागरूक भी किया जा रहा है । जो समुदाय के लिए हितकारी साबित हो रहा है ।
कार्यशाला में चर्चा करते हुए जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ शुभाष रंजन झा ने कहा की मार्च 2025 तक जिले को हाइड्रोसील फाइलेरिया से मुक्त के लिए संकल्प लिया गया है । इसके लिए सभी तरह की तैयारी की जा चुकी है । जिले में अभी तक कुल 789 हाइड्रोसील फाइलेरिया से ग्रसित लोगों का ऑपरेशन किया जा चूका है । जो भी लोग हाइड्रोसील फाइलेरिया से ग्रसित हें
वो अपने नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान में या अपने क्षेत्र की आशा से जरुर संपर्क करें ताकि उनका सफल इलाज किया जा सके ।
डॉ शुभाष ने कहा जिले में इस बार फाइलेरिया से बचाव हेतु 2 की जगह 3 दवा खिलाया जाना है । अल्बेंडाजोल और डीईसी के साथ इस बार आइवरमेक्टिन की दवा भी खिलायी जनि है ।
इस मौके पर डीआइओ डॉ गोपाल मिश्रा ,जिला कार्यक्रम प्रबंधक नसीम रजी , वेक्टर रोग नियंत्रण पदाधिकारी शिवन पटेल एवं अभिषेक कुमार भारती , वेक्टर रोग नियंत्रण सलाहकार कुश कुमार ,
सिफार के डिविजनल श्याम त्रिपुरारी के साथ पीए आशुतोष कुमार एवं पिरामल के प्रतिनिधि मौजूद थे


