सेंट जूड्स विद्यालय में वसंत पंचमी का दिव्य आयोजन, भक्ति और श्रद्धा में डूबा संपूर्ण परिसर
वसंत पंचमी के पावन अवसर पर सेंट जूड्स विद्यालय का संपूर्ण परिसर श्रद्धा, भक्ति और उल्लास से सराबोर हो उठा। माँ सरस्वती, जो ज्ञान, विद्या और कला की अधिष्ठात्री देवी हैं, उनकी आराधना में विद्यालय एक पवित्र तीर्थ स्थल जैसा प्रतीत हो रहा था। छात्र-छात्राओं, शिक्षकगण, अभिभावकों एवं आगंतुक श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने इस आयोजन को और भी दिव्यता प्रदान की। मंत्रों की गूँज, आरती की मधुर ध्वनि और भक्तिपूर्ण माहौल ने सभी को माँ सरस्वती की कृपा से अभिसिंचित कर दिया।
रंग-बिरंगे परिधानों में सुसज्जित विद्यार्थियों ने वातावरण को और भी उल्लासमय एवं आकर्षक बना दिया। उनके उत्साह और उमंग से संपूर्ण विद्यालय प्रांगण एक अद्भुत आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। जब आचार्य श्री संजीत मिश्र जी ने वैदिक मंत्रोच्चारण प्रारंभ किया और श्री अमरेन्द्र झा जी के सान्निध्य में विधि-विधानपूर्वक पूजन संपन्न हुआ, तो विद्यालय का हर कोना एक पावन मंदिर में परिवर्तित हो गया। उपस्थित श्रद्धालु भक्ति में तल्लीन होकर मंत्रोच्चार और आरती गान में सम्मिलित हुए, जिससे संपूर्ण वातावरण दिव्य और अलौकिक प्रतीत हुआ।
विद्यालय के शिक्षकों ने इस आयोजन की सफलता के लिए अत्यंत परिश्रम किया। उनकी सुव्यवस्थित योजना और अनुशासन ने पूरे कार्यक्रम को भव्य एवं स्मरणीय बना दिया। पूजन एवं आरती के उपरांत विद्यालय प्रांगण में उपस्थित विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों ने इस आयोजन की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने इसे अत्यंत उत्कृष्ट, दिव्य और प्रेरणादायक आयोजन बताते हुए विद्यालय प्रशासन का आभार व्यक्त किया।
इस शुभ अवसर पर विद्यालय के माननीय अध्यक्ष श्री शंकर कुमार, प्रबंध निदेशक श्री ओम नारायण, शैक्षणिक निदेशक श्री राहुल कुमार एवं प्राचार्य श्री संतोष पांडेय जी ने विद्यालय परिवार को इस पावन आयोजन की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने माँ सरस्वती से प्रार्थना करते हुए कक्षा 10 एवं 12 के बोर्ड परीक्षार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की। साथ ही, उन्होंने समस्त विद्यार्थियों को आगामी परीक्षाओं के लिए सफलता, आत्मविश्वास और विद्या के आशीर्वाद के साथ शुभकामनाएँ प्रदान कीं।सेंट जूड्स विद्यालय में वसंत पंचमी का यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि यह संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिक चेतना का अद्भुत संगम साबित हुआ। यह आयोजन विद्यालय के गौरवशाली इतिहास में एक अविस्मरणीय अध्याय जोड़ गया, जिसने न केवल छात्रों बल्कि सभी उपस्थित जनों के हृदय में एक गहरी छाप छोड़ी।






