भक्तों ने नाम आंखों से हंस वाहिनी मां सरस्वती को किया विदा।ओ
सरस्वती माई की खूब लगाये जयकारे- श्रद्धालु, अबीर गुलाल लगाकर गाजे बाजे के साथ निकाली गयी विसर्जन यात्रा सच आज तक ोसंवाददाता अशोक कुमार ठाकुर की खास रिपोर्ट
तेघड़ा के ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में
ज्ञान की देवी हंस वाहिनी मां सरस्वती की अराधना व पूजा अर्चना के बाद बुधवार को शिक्षण संस्थान एवं पूजा पंडाल के साथ घरों में स्थापित प्रतिमा का गाजे बाजे के साथ नम आंखों से विसर्जन किया गया। सोमवार को सरस्वती की पूजा मूर्ति स्थापित कर शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में की गयी थी। मंगलवार को खाली दिन रहने की वजह से अधिकांश संस्थानों, घरों व पूजा पंडालों में स्थापित माता सरस्वती की प्रतिमा विसर्जन का दौर बुधवार को देर शाम तक चलता रहा। इससे पूर्व खोइछा बांध महिलाओं ने नम आंखों से भक्तों ने शारदे की विदाई की। इस दौरान अलग-अलग शिक्षण संस्थान संत पॉल पब्लिक स्कूल तेघड़ा, सावित्री देवी मारवाड़ी बालिका उच्च विद्यालय तेघड़ा सहित अन्य शिक्षण संस्थानों में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।जहां नन्हें मुन्हें बच्चों द्वारा अलग-अलग गीतों पर डांस कर दर्शकों के मन को मोहने में सफल रहें। वहीं अयोध्या मिथिला गंगा धाम घाट पर धूमधाम से पूजा अर्चना की गई थी। विसर्जन को लेकर भक्तों के द्वारा ट्रैक्टर, ठेला से प्रतिमा विसर्जन को ले जाने के दौरान जयकारे भी खूब लगाये गये। खासकर भोजपुरी के भक्तिगीतों पर युवाओं ने एक दूसरे को अबीर और गुलाल लगाकर नाचते और गाते मां सरस्वती को विदा किया। गाजे बाजे के साथ क्षेत्र के स्थानीय तालाब, पोखर , गंगा नदी एवं बालन के विभिन्न घाटों पर जय घोष के बीच पूजा समितियों द्वारा शांतपूर्ण ढंग से छठ घाटों व तालाबों में विद्या की देवी मां सरस्वती की प्रतिमा का विसर्जन किया गया।


