समस्तीपुर जिलान्तर्गत विभूतिपुर प्रखण्ड के सिंधिया बुजुर्ग उत्तर पंचायत के कबीर मठ के प्रांगण में दो दिवसीय समस्तीपुर जिला स्तरीय कबीर पंथ संत सम्मेलन आयोजित किया गया।
जिसकी अध्यक्षता महंथ राजो दास ने किया तथा मंच संचालन महंथ नाथो दास ने किया। कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन विश्व कबीर दिव्य ज्योति संस्थान के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक आचार्य महंथ दीप नारायण साहब ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया तथा संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को शैक्षणिक गुरू के साथ ही अध्यात्मिक गुरु अवश्य वनाना चाहिए।
मुख्य अतिथि अंतरराष्ट्रीय संरक्षक डा० राजकुमार आजाद ने संबोधित करते हुए कहा कि उच्च शिक्षित व्यक्ति एस पी, कलक्टर बनकर माता पिता को वृद्धाश्रम में पंहुचाकर कर मंदिर मंदिर भगवान को ढूंढता फिरता है। लेकिन अध्यात्मिक व्यक्ति गरीबी में जीवन गुजर बसर करते हुए अपने माता पिता में ही भगवान को ढूंढ लेता है। मुख्य वक्ता प्रदेश उपाध्यक्ष महंथ राम बिलास दास ने कहा कि जिस के कथनी करनी में समानता होता है उसके जिह्वा पर सरस्वती का वास हो जाता है और असाध्य भी साध्य और असंभव भी संभव हो जाता है। विशिष्ट अतिथिगण राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डा० कैलाश महतो, महंथ रामदेव दास, साध्वी कोयली दासिन, महंथ नाथो दास आदि संतो महंथो ने अपने प्रवचन और भजन से अध्यात्मिक माहौल उत्पन्न कर दिया। आयोजक महंथ बैजनाथ साहब ने सभी अतिथियो को पुष्पों की माला पहनाकर तथा अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया। इस कार्यक्रम में समस्तीपुर जिला के सभी प्रखंडों से संत महंथ उपस्थित हुए।



