प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के राजयोग केंद्र गीता पाठशाला में 89 वां शिव जयंती महोत्सव आयोजित।
सच आज तक संवाददाता अशोक कुमार ठाकुर की खास रिपोर्ट
तेघड़ा/बेगूसराय
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय राजयोग केंद्र गीता पाठशाला गौरा एक में 27 फरवरी गुरुवार को 89 वां त्रिमूर्ति शिव जयंती महोत्सव व शिव ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी की राजयोगिनी बीके कंचन दीदी ने सभी को परमात्मा शिव की वाणी सुनाई तथा शिवरात्रि के उपलक्ष्य में ब्रह्माकुमारी के हेड क्वार्टर माउंट आबू से भेजे गए प्रतिज्ञा पत्र को पढ़कर सामूहिक रूप से लोगों से स्वयं को पावन बनाकर विश्व को पावन बनाने की प्रतिज्ञा कराई।शिवरात्रि का आध्यात्मिक रहस्य बताते हुए कंचन दीदी ने कहा कि परमात्मा शिव निराकार ज्योति बिंदु स्वरूप हें ।तथा ब्रह्मा, विष्णु और शंकर के रचयिता होने के कारण उन्हें त्रिमूर्ति भी कहा जाता है। संसार में जब चारों तरफ पाप और अज्ञान का अंधेरा छा जाता है, उस घोर कलयुग रूपी रात में परमात्मा शिव एक साधारण वृद्ध मनुष्य के तन का आधार लेते हें। तथा उन्हें प्रजापिता ब्रह्मा नाम देते हें। उनके द्वारा ज्ञान गंगा बहाकर जन-जन को अपने दिव्य ज्ञान और योग से पवित्र बनाकर तमो प्रधान बन चुकी आत्माओं को पुनः सतो प्रधान बनाते हें। इसका यादगार ही हम वर्तमान समय में शिवरात्रि का पर्व मनाते हें।उन्होंने बताया परमात्मा शिव को याद करने से हमारे अंदर के पांच विकार काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार नष्ट होते हें। तथा हमारे अंदर ज्ञान, पवित्रता, सुख शांति, प्रेम, शक्ति आदि का विकास होता है। उन्होंने कहा शिव को धतूरे का फल और फूल, भांग, बेलपत्र, बेर, दूब आदि चढ़ाया जाता है। इनका भी आध्यात्मिक अर्थ होता है। उन्होंने कहा जब हम परमात्मा शिव को सच्चे अर्थ में जानकर उन्हें पिता स्वीकार कर उनकी स्नेहयुक्त याद में अपने कर्म करेंगे तभी हम सच्चे अर्थ में शिवरात्रि मना सकेंगे। कार्यक्रम में तेघड़ा सेवा केंद्र के बीके बहन आशा बहन, बरौनी केंद्र के बीके स्वीटी बहन, स्थानीय गीता केंद्र की सुनीता वहन, पूर्व विधान परिषद रजनीश कुमार, जिला पार्षद प्रवीण शेखर , भाजपा ग्रामीण मंडल अध्यक्ष मनोहर कुमार, बीके ऋषि भाई, बीके शंभू भाई, बीके हीरा बहन सहित सैकड़ों की तादाद में भाई-बहनें उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर शिव ध्वज फहराया उसके पश्चात भोग प्रसाद का वितरण किया गया।


