जन संस्कृति मंच के रंगकर्मियों ने प्रसिद्ध रंग कर्मी सफर हाशमी को किया याद।
सच आज तक न्यूज़ संवाददाता अशोक कुमार ठाकुर की खास रिपोर्ट
बेगूसराय। जन संस्कृति मंच, बेगूसराय ने दिनकर कला भवन, बेगूसराय मे प्रसिद्ध रंगकर्मी सफदर हाशमी को उनके शहादत दिवस के मौके पर याद किया। इस अवसर पर जसम बिहार के राज्य सचिव रंगकर्मी कवि दीपक सिन्हा ने कहा कि आज की तारीख में शहीद सफदर को याद करना मामूली बात नहीं है। रंगकर्मी डरे हैं कि अगर उनकी सफदर हाशमी की तस्वीर के साथ अखबार में या सोशल मीडिया में छप जायेगी तो कल उनका ग्रांट बंद हो जायेगा। उनका रिपेटरी बंद कर दिया जायेगा। बावजूद इसके हम कहना चाहते हैं कि रंगकर्मी मित्रो डरने की जरुरत नही है। आप अगर एक हो कर सही कंटेंट के साथ नाटक करोगे तो कोई फासिस्ट ताकत तुम्हें रंगकर्म करने से रोक नहीं सकती है।
*आज भी नाटकों में और कविताओं में जिंदा हें*
जसम के अध्यक्ष रंगकर्मी विजय कुमार सिन्हा ने अपने अध्यक्षीय वक्तव में यह कहा कि जसम या अन्य तमाम संगठन को प्रत्येक वर्ष नुक्कड़ नाटक कर सफदर हाशमी को याद करना चाहिये। बुद्धिजीवी कमल वत्स ने कहा कि विदित हो कि सफदर हाशमी की हत्या तत्कालीन केंद्रीय सरकार के अंदर बैठे फासिस्ट ताकतो के जरिये हल्ला बोल नाटक करने के दरमयान नुक्कड़ पर ही कर दी गई थी लेकिन वो आज भी नाटकों में और कविताओं में जिंदा हें इस अवसर पर वरिष्ठ रंग निदेशक अरविंद सिंन्हा, गोपाल पासवान, शिक्षक राजाराम आर्य, अधिवक्ता पंकज कुमार, तथा रंग कर्मी संजय ने भी अपनी बातों को रखा। धन्यवाद ज्ञापन समाजसेवी विधि गिरी रंजीत ने किया। कार्यक्रम में सफदर हाशमी लिखित कविताओं का पाठ किया गया तथा रंग नायक के साथियों ने जनगीत पेश किया।










