बेगूसराय जिलान्तर्गत सदर प्रखण्ड के नगर निगम के बाघा स्थित कबीर मठ के प्रांगण में दो दिवसीय प्रदेश स्तरीय कबीर रविदास पंथ संत सम्मेलन का आयोजन विश्व कबीर रविदास विचार मंच के तत्वावधान में आयोजित किया गया।
जिसकी अध्यक्षता मंच के बिहार प्रदेश अध्यक्ष महंथ राम बहादुर दास ने किया तथा मंच संचालन बेगूसराय जिलाध्यक्ष महंथ राम सेवक दास ने किया। कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन मंच के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष डा० राजकुमार आजाद ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया तथा संबोधित करते हुए कहा कि संसार में सभी गुरू, सदगुरू, जगतगुरू, देवी, देवताओ ने क्रोध नहीं करने का उपदेश दिया लेकिन स्वंय क्रोध किया। सदगुरू कबीर और रविदास ऐसे सदगुरू हुए जिन्होंने बावन तरह का कष्ट भोगने के बाद भी क्रोध का वरण नहीं किया। इसलिए प्रत्येक मनुष्य को जिसकी कथनी और करनी में समानता हो उसे ही अपना गुरू बनाना चाहिए। मुख्य अतिथि मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा० अरूण कुमार पासवान ने संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक मनुष्य को शैक्षणिक गुरू के साथ ही अध्यात्मिक गुरू अवश्य बनाना चाहिए।
मुख्य वक्ता डा० कैलाश महतों ने संबोधित करते हुए कहा कि उच्च शिक्षित व्यक्ति एस पी, कलक्टर बनकर माता पिता को वृद्धाश्रम पंहुचाकर मंदिर मंदिर भगवान को ढूंढता फिरता है लेकिन अध्यात्मिक व्यक्ति गरीबी में जीवन गुजर बसर करते हुए भी अपने माता पिता को ही भगवान मानता है। विशिष्ट अतिथिगण मंच के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष डा० पूनम आजाद, पूर्व विधान पार्षद भंते बुद्ध प्रकाश आदि संतो महंथो ने अपने प्रवचन और भजन से अध्यात्मिक माहौल उत्पन्न कर दिया।आयोजक महंथ राम बहादुर दास ने सभी अतिथियों को चादर ओढ़ाकर पुष्पों की माला पहनाकर सम्मानित किया। इस कार्यक्रम में बिहार प्रदेश के लगभग सभी जिले के संत महंथ उपस्थित हुए।





