प्रसिद्ध कवियत्री सह शिक्षिका प्रियदर्शनी पुष्पा परमात्मा में विलीन
सच आज तक संवाददाता अशोक कुमार ठाकुर की खास रिपोर्ट
बरौनी गांव निवासी सीपीआई नेता एवं समाजसेवी मनोज कुमार सिंह की छोटे भाई डॉo श्याम किशोर प्रसाद सिंह की धर्मपत्नी प्रियदर्शनी पुष्पा जो झारखंड में शिक्षिका के रूप में कार्यरत थी। जो इस दुनिया को अलविदा कर गई।लेकिन इनकी कविताएं पूरे सुवा ही नहीं देश के पटल पर उनके विचारों में जो तीव्रता समाहित थी वह भुलाया नहीं जा सकता। बरौनी गांव के साथ-साथ साहित्य जगत ने आज बरौनी गांव के अनमोल रतन को खो दिया। प्रियदर्शनी पुष्पा जिनकी कविताएं समाज के हर पहलुओं को छूने वाली और जिनके शब्दों में संवेदनाओं की गहराई थी अब हमारे बीच नहीं रही, उनका निधन साहित्य जगत के लिए अपूरणीय छति है ।प्रियदर्शनी पुष्पा की रचनाएं न केवल अपनी भाषा की सुंदरता के लिए मानी जाती थी बल्कि उनके विचारों में तीव्रता सामाजिक जागरुकता और मानवीय संविदा संवेदनाएं भी समाहित थी उनकी कविता की हर पंक्ति एक संदेश देती थी जो जीवन के विभिन्न पहलुओं को प्रकट करती थी। आज जब साहित्य को उनके जैसी सशक्त आवाज की आवश्यकता है उनका आकस्मिक निधन हम सबके लिए गहरी संवेदना की घड़ी है हमलोग उनके शब्दों को याद रखेंगे और उनकी रचनाओं को हमेशा सम्मानित करेंगे।उनका योगदान हमेशा हमलोगों के दिलों में जीवित रहेगा और उनका काम आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा उनके निधन पर बरौनी गांव के ग्रामीणों,पूर्व मुखिया भोला सिंह, जनार्दन यादव,प्रदीप कुमार चिंटू,पैक्स अध्यक्ष सरोज कुमार, सुरेंद्र कुमार शर्मा, डॉक्टर कुंदन कुमार, शिक्षक दिवाकर प्रसाद सिंह एवं बरौनी गांव के राजनीतिक शैक्षणिक एवं सामाजिक एवं साहित्यिक रूप से सामाजिक सरोकार रखने वालो ने शोक संवेदनाएं प्रकट करते हुए शोक संतृप्त परिवार को इस दुख की घड़ी में संबल प्रदान करने की प्रार्थना की।















