भारत रत्न और समाजवाद के पुरोधा कर्पूरी ठाकुर की 101 वीं जयंती मनाई गई।
सच आज तक संवाददाता अशोक कुमार ठाकुर की खास रिपोर्ट।
तेघड़ा प्रखंड अंतर्गत धनकौल पंचायत अवस्थित जदयू प्रखंड अध्यक्ष चंदन कुमार के आवासीय परिसर में 14 जनवरी शुक्रवार को भारत रत्न व समाजवाद के पुरोधा बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर की 101 वीं जयंती प्रखंड अध्यक्ष चंदन कुमार की अध्यक्षता में मनाई गई। जयंती समारोह में प्रखंड स्तर से लेकर पंचायत स्तर के सभी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। उपस्थित कार्यकर्ताओं ने उनके जन्मदिन पर केक काटकर उनके तैल चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित करते हुए उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला।
जदयू प्रखंड अध्यक्ष चंदन कुमार ने कहा कि वे समाजवाद के पुरोधा, सादगी की मिशाल थे, वे सच में जनता के नायक थे। मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार की कार्यशैली उनसे हद तक मिलती है और उनके आदर्श आज भी प्रासंगिक है। इस अवसर पर युवा जिला उपाध्यक्ष सन्नी महतो ने कहा कि उनका जीवन सत्य और सादगी का एक प्रतिमूर्ति है। उन्होंने अपने जीवन काल में हमेशा गरीब ,शोषित, वंचित के हक और उनके अधिकार के लिए आवाज बनकर लड़ते रहे । पार्टी के नेता अधिवक्ता राजकुमार झा ने उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अपने जीवन के अंत तक में भी विरासत के रूप में अपने परिवार को। देने के लिए एक मकान भी नहीं बचा था कर्पूरी जी देश के सच्चे लाल थे। किसान प्रकोष्ठ के प्रखंड अध्यक्ष अरविंद महतो ने कहा की उनका सपना था कि कमजोर वर्ग को मुख्य धारा में लाया जाए। वहीं प्रखंड महासचिव अविनाश कुमार ने कहा कि वे समाज के हर वर्ग के लिए काम करने में विश्वास रखते थे । वही संचालन करते हुए प्रखंड उपाध्यक्ष शंभू पंडित ने कहा कि गरीबों का कोई शोषण न करें इसके लिए वे अग्रसर रहते थे 36 साल बाद भारत रत्न की उपाधि देकर उन्हें आज भी जीवित कर दिया है। मौके पर शिवचंद्र महतो के बड़े पुत्र नीतीश कुमार, निक्सन कुमार कुशवाहा, दिवाकर झा, गणेश झा ,राम ललन सिंह, राम बहादुर तांती , दिनेश पोद्दार ,मोनू पटेल ,अमन कुमार सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे।


