तेघड़ा एफसीआई गोदाम के मजदूर तीन दिवसीय हड़ताल पर। मिला बिहार राज्य किसान सभा का समर्थन
आम जनता के लिए डीलरों को नहीं पहुंच पाया तीसरे दिन भी खाद्यान्न
आर एम न्यूज़ मीडिया संवाददाता अशोक कुमार ठाकुर की खास रिपोर्ट
फूड एंड एलाइड वर्कर्स यूनियन के बैनर तले तेघड़ा प्रखंड मुख्यालय अस्थित बिहार राज्य खाद्य गोदाम के मजदूर सांकेतिक धरना के तीसरे दिन सोमवार को भी सांकेतिक हड़ताल पर डटे रहे।जिस कारण गोदाम अनाज का उठाव तीसरे दिन भी पूरी तरह बंद रहा। गोदाम बंद रहने के कारण आम जनता को मिलने वाले खाद्यान्न डीलरों के यहां नहीं पहुंच पाया। धरना के समर्थन में बिहार राज्य किसान सभा के जिला सचिव दिनेश सिंह, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के अंचल मंत्री परमानंद सिंह, नौजवान संघ के अमरेंद्र कुमार कारू, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी स्थानीय शाखा के सचिव राजेश महतो आदि ने सांकेतिक धरना को जायज बताते हुए कहा की डबल इंजन की सरकार अब मजदूरों को मिलने वाली मजदूरी की भारी कटौती करके एक तरफ मजदूरों के शोषक के रूप में सामने सरकार की चेहरा सामने आ गई वहीं दूसरी तरफ न्यूनतम मजदूरी अधिनियम को ताक पर रखकर मजदूरों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रही है। हड़ताल पर डर्टे संघ के जिला अध्यक्ष भूषण महतोनेताओं ने बताया कि बीते 1 अक्टूबर से अधिसूचित न्यूनतम मजदूरी को नहीं स्वीकार करते हुए लोडिंग अनलोडिंग कर 11 रुपया 64 पैसे से घटकर चार रुपया 55 पैसा मात्रा देने की मंजूरी दी है। ऐसा करना न्यूनतम मजदूरी अधिनियम 1948 का स्पष्ट रूप से उल्लंघन है। न्यूनतम मजदूरी से कम दर पर मजदूरों को मजदूरी भुगतान किया जाता है। जिसके कारण हम लोग तीन दिवसीय हड़ताल पर हें। संघ के सचिव राजेश महतो ने कहा कि लोडिंग अनलोडिंग मजदूर को अधिसूचित न्यूनतम मजदूरी 11 रुपया 64 पैसा भुगतान एवं श्रम कानून के अंतर्गत देय अन्य सुविधाओं को लागू करना सुनिश्चित करें। धरना स्थल पर राजेश महतो, सुनील यादव ,रतन सिंह,शंभू महतो ,फुलेना महतो ,ललन यादव ,अनिल महतो ,रामप्रवेश महतो ,विकास महतो तथा मजदूर यूनियन के नेता मौजूद रहकर 1 अक्टूबर से अधिसूचित न्यूनतम मजदूरी की के विरुद्ध नारे लगा रहे थे।


