मोदी सरकार और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ़,,विरोध मार्च एवं पुतला दहन का कार्यक्रम केंद्रीय कमेटी और राज्य कमेटी के आह्वाहन पर ,,,भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी,, जिला बेगूसराय के बरौनी तेघड़ा लोकल कमेटी की ओर से आयोजित किया गया।
सच आज तक संवाददाता रामाधार सहनी की रिपोर्ट
जिसकी अध्यक्षता,, बरौनी- तेघड़ा लोकल मंत्री- सह- किसान सभा के जिला उपाध्यक्ष,,कॉमरेड मोहम्मद अली अहमद,, जी ने की। उन्होंने कहा, की,,, आज के विरोध मार्च और पुतला दहन का मुख्यत: तीन ही मुद्दा है :-
1) अमित शाह के इस्तीफा की मांग,,, राज्यसभा में गृह मंत्री अमित शाह द्वारा बाबा साहेब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर पर अपमानजनक टिप्पणियों के परिणाम स्वरूप देश भर में व्यापक जन आक्रोश और गुस्सा है अभी तक भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व या तो मौन धारण किए हुए हैं या बचाव में भी उतरा हुआ पाया जा रहा है।
2) एक राष्ट्र-एक चुनाव ,,,यह मुद्दा लोकतंत्र और संघवाद पर एक हमला है इसके विरोध में हम सभी आज आवाज बुलंद कर रहे हैं!
3) चुनाव संचालन नियमों में संशोधन वापस लेने के लिए,,, इसके तहत सीसीटीवी कैमरे, वीडियो फुटेज जैसे इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेजों के सार्वजनिक निरीक्षण के अधिकार को रद्द किया जा रहा है!
मुख्य वक्ता :- ,,
राज्य स्तरीय वरिष्ठ छात्र नेता,, सीपीआई(एम) जिला कमेटी सदस्य,,- सह -,,अल्पसंख्यक अधिकार मंच,, राज्य कन्वेनिंग कमेटी सदस्य ,,,,प्रोफेसर डॉo आसिफ अली साहब ने कहा कि हमने मोदी सरकार में कई विरोध दर्ज कराए हैं:- भूमि अधिग्रहण बिल, किसान आंदोलन,
ट्रक चालक कानून,,
NRC,,CAA का विरोध दर्ज किया और लोकतंत्र के अधिकार का पूर्ण पालन करते हुए जोरदार आंदोलन किया,,,मोदी सरकार को झुकना पड़ा,, सभी बिल को वापस लेना पड़ा और इस तरह हम सबों ने सारे आंदोलन को सफल बनाया। मानव अधिकार संरक्षण कानून 2005 के तहत हजारों कैदी बेल के बाद भी आज जेल में बंद है। मानवाधिकार आयोग का हनन किया जा रहा है।आम जनों के विरोध करने का अधिकार, संपत्ति का अधिकार, स्वस्थ रहने का अधिकार और शिक्षा का अधिकार जैसी बुनियादी सुविधाओं में भेदभाव किया जा रहा है। जाति, धर्म, लिंग, भाषा और राष्ट्रीयता के आधार पर भेदभाव बढ़ने पर और अनियंत्रण का विषय हो गया है । आज युवा अपने भविष्य को लेकर चिंतित है। बेरोजगारी, राष्ट्रभक्ति एवं त्याग, तपस्या की भावना से भी चिंतित है। आज बिहार में डबल इंजन की मोदी और नीतीश की सरकार,, छात्रों युवाओं पर पुलिसिया दमनकारी हमले लगातार किए जा रहे हैं।
70वीं,,BPSC,,परीक्षार्थी छात्र ,,सोनू कुमार,, की आत्महत्या एक संस्थानिक हत्या है ।
बिहार इस वक्त शिक्षा और परीक्षा माफियाओं के गिरफ्त में है।
समय पर डिग्री न मिलाना, कॉलेज में शिक्षक न होना, परीक्षा में धांधली, पैसे पर बिकती नौकरी और डिग्री, बिहार में आमचलन बनता जा रहा है।
बेगूसराय में वर्षों से आम सभी छात्र संगठनों का केंद्रीय दिनकर विश्वविद्यालय की मांग को सभी सरकारों ने नजर अंदाज किया है,,, हम सभी छात्र युवा इसकी कड़ी आलोचना और निन्दा करते हैं ।
बेगूसराय के साथ यह सौतेला व्यवहार छात्र युवाओं के हित में नहीं है।
साथ ही, वक्ता,,,छात्र नेता, सह,, बीरपुर लोकल कमेटी सदस्य कॉo देवदत्त कुमार ने कहा,, शिक्षा जो मूलभूत अधिकार है,, उसे सिर्फ और सिर्फ सरकार ठगने का काम कर रही है ।
मैं मांग करता हूं,,,,शिक्षा पर खर्च ,,केंद्रीय बजट का 10% और राज्य बजट का 30 % खर्च हो।
साथी बरौनी- तेघड़ा लोकल कमेटी सदस्य,, कॉo खालीद अहमद ने कहा कि,,, संविधान पर हमला नहीं सहेंगे ।
बाबा साहेब भीमराव का अपमान नहीं सहेंगे।
देश के गृह मंत्री अमित शाह इस्तीफा दो ।
बिहार सरकार सोनू कुमार के परिजनों को उचित मुआवजा और नौकरी दे।
मौके पर मौजूद सैकड़ो क्रांतिकारी और बुद्धिजीवी कार्यकर्ता उपस्थित थे।
जिसमें मोहम्मद हाशिम सरपंच, खालिद अहमद, रमाकांत चौरसिया, किशन चौधरी, दिवाकर कुमार, पशुपति राय, यदुनंदन महतो, चौरसिया जी, मोहम्मद जावेद,मोहम्मद शमशेर,मोहम्मद सुभान, मोहम्मद बसर, रिंकू कुमार इत्यादि।
सैकड़ो कार्यकर्ताओं एवं आम जनताओं के उपस्थिति में कार्यक्रम को सफल बनाया गया।
कॉo मोहम्मद अली अहमद
CPI(M)- बरौनी- तेघड़ा लोकल कमिटी सचिव


