जयंती पर याद किए गए डॉ. राजेन्द्र प्रसाद
आर एम न्यूज़ मीडिया संवाददाता अशोक कुमारठाकुर की खास रिपोर्ट
प्रखंड कांग्रेस कमेटी द्वारा कांग्रेस भवन तेघड़ा के सभागार में भारत के प्रथम राष्ट्रपति देश रत्न डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की जयंती मंगलवार को मनाई गई। कांग्रेसियों ने एक स्वर में कहा कि स्वाधीनता आंदोलन के दौरान डॉ. राजेन्द्र प्रसाद एक सशक्त सेनानी व नेता के रूप में उभरे थे। वे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सानिध्य में अंग्रेजी हुकुमत के खिलाफ निरंतर लड़ते रहे। वर्ष 1931 के नमक सत्याग्रह और 1941 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान उन्हें कई बार जेल की यातनाएं झेलनी पड़ी। डॉ. राजेन्द्र प्रसाद का सादा जीवन उच्च विचार लोगों के लिए प्रेरणादायक साबित होता है ।डॉ.राजेन्द्र प्रसाद संविधान सभा के अध्यक्ष के रूप में सामाजिक प्रगति के प्रतीक डॉ. प्रसाद संविधान के मूल अधिकार, मूल कर्तव्य राज्य के नीति निदेशक और गरीबों के उत्थान के प्रति सदैव चिंतित रहा करते थे। मौके पर कांग्रेस के पूर्व प्रखंड अध्यक्ष महेंद्र कुमार, नगर अध्यक्ष रणधीर मिश्रा, रामबाबू साह, वार्ड पार्षद प्रतिनिधि रोशन कुमार, सरोज कुमार पासवान, बमबम कुमार, दिनेश ठाकुर, सहित दर्जनों नेताओं ने राजेंद्र बाबू के चरित्र चित्रण करते हुए उनके तेल चित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया ।


