*विगत वर्षों की तरह संपूर्ण शिक्षा केन्द्र में गीता जयंती मनाई*
आर एम न्यूज़*संवाददाता-रजनीश कुमार चौघरी*
मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को गीता जयंती मनाई जाती है। विगत वर्षों की तरह संपूर्ण शिक्षा केन्द्र में मनाया गया। इसी दिन महाभारत के युद्ध के मैदान में भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को भगवत गीता का उपदेश दिया था। गीता में जीवन के दर्शन, कर्म योग, भक्ति योग और ज्ञान योग का विस्तृत वर्णन है। यह ग्रंथ न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से बल्कि जीवन के हर पहलू में मार्गदर्शन प्रदान करता है। गीता जयंती के दिन लोग गीता का पाठ करते हैं। क्योंकि यह हमें जीवन की समस्याओं का समाधान बताता है । भगवद्गीता के ग्रंथ को चंदन और तिलक लगाकर पूजा करें। इसके बाद गीता के श्लोकों का पाठ करें और गीता की आरती करें। यह ग्रंथ धर्म, कर्म, नीति, सफलता, सुख और जीवन प्रबंधन के मूल मंत्रों से भरा है। गीता का पाठ न केवल आत्मबल बढ़ाता है बल्कि व्यक्ति को हर परिस्थिति का सामना करने की शक्ति भी प्रदान करता है। मौके पर अध्यक्ष रमेश कुमार, प्रेम कुमार, सत्यजीत सोनू, अविरल, शाश्वत, सोमदेव, सोनू, विवेक, रानी, लक्ष्मी सहित दर्जनों छात्र छात्राएं उपस्थित थे ।।


