पंचतत्व में विलीन हुई H M मनोज कुमार की मां ललिता देवी,प्रधानाध्यापक ने नाम आंखों से दी मुखाग्नि
तेघड़ा से आर एम न्यूज़ मीडिया संवाददाता अशोक कुमार ठाकुर की खास रिपोर्ट
तेघड़ा /बेगूसराय
नगर परिषद तेघड़ा वार्ड संख्या 20 निवासी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के शाखा संस्थापक सदस्य सह ग्रामीण शिक्षक रामबालक ठाकुर की धर्मपत्नी व उत्क्रमित मध्य विद्यालय बिनलपुर चकउघो के प्रधानाध्यापक मनोज कुमार ठाकुर की माता स्मृति शेष ललिता देवी का निधन रविवार कि संध्या उनके आवास पर हो गया वे 70 वर्ष की थी
। छठ पर्व के बाद से वे बीमार चल रही थी।जिनका इलाज बेगूसराय के नर्सिंग होम में चल रहा था। रविवार की संध्या अचानक तबीयत बिगड़ने से उनका निधन हुआ और वे इस दुनिया को अलविदा कह गई । उनके निधन से दनियालपुर गांव सहित पूरे समाज के अंदर शोक की लहर फैल गई। उनके पार्थिव शरीर के दर्शनार्थ हेतु उनके आवास पर अंतिम दर्शन को लेकर शुभचिंतकों का भीड़ उमड़ पड़ा। उनके शव यात्रा सोमवार सुबह 9:00 बजे उनके आवास से निकाली गई। जहां तेघड़ा विधायक राम रतन सिंह, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के अंचल मंत्री परमानंद सिंह, जुलम सिंह, रामबालक सिंह बड़कू, अधिवक्ता राज किशोर गुड्डू, वार्ड पार्षद सुधीर कुमार, राष्ट्रीय नाई महासभा के जिला अध्यक्ष प्रोफेसर रविंद्र कुमार पप्पू, उपाध्यक्ष बैजनाथ ठाकुर, चौरासी सरदार राजकुमार ठाकुर,सरस्वतीचंद्र ठाकुर सहित सैकड़ो की संख्या में उपस्थित लोगों ने उनके पार्थिव शरीर पर फूल माला देकर श्रद्धांजलि दी। वही शब यात्रा में सैकड़ो लोग शामिल हुए। उनके पार्थिव शरीर को अयोध्या मिथिला गंगा धाम घाट पर उनके एकल पुत्र प्रधानाध्यापक मनोज कुमार ठाकुर ने अपनी दिवंगत माता को मुखाग्नि दी और उनका पार्थिव काया पंचतत्व में विलीन हो गया। विधायक राम रतन सिंह ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षक रामबालक ठाकुर की धर्मपत्नी दिवंगत ललिता देवी ने एक कुशल गृहिणी के रूप में पारिवारिक दायित्व के साथ सामाजिक जिम्मेदारी का भी व खूबी निर्वाह किया जिसका प्रतिफल उनके पुत्र- पुत्री एवं पौत्र सहित सरकारी सेवा में हें। उनका निधन एक अपूर्णीय क्षति है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें और उनके परिवार को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। वहीं संकुल संचालक सह प्रधानाध्यापक शमशेर आलम, प्रधानाध्यापक मंजर सायान , संजीत कुमार, संजय कुमार, शशि कुमार पवन, प्रधानाध्यापक अरुण कुमार राम सहित अन्य शिक्षकों ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोक संतृप्त परिवार को इस असहनीय क्षति को सहन करने की प्रार्थना की है। वे अपने पीछे एक पुत्र एवं चार पुत्री सहित भरे पूरे परिवार छोड़ गई ।


