देव उठान एकादशी के मौके पर सिमरिया कल्पवास मेले की अंतिम परिक्रमा में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
तेघड़ा से आर एम न्यूज़ मीडिया संवाददाता अशोक कुमार ठाकुर की खास रिपोर्ट
सिमरिया/ बेगुसराय
कार्तिक के पवित्र मास में बेगूसराय के प्रसिद्ध सिमरिया गंगा धाम में 12 नवंबर मंगलवार को देव उठान एकादशी के मौके पर तीसरी एवं अंतिम गंगा परिक्रमा पूरे श्रद्धा भाव से संपन्न हुई। जिसमें सैकड़ो साधु- संतों के अलावा हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।जय गोविंद हरे, जय गोपाल हरे, जय-जय प्रभु मिथिला धाम हरे समेत अन्य भजन से सिमरिया धाम स्थित कल्पवास मेला गुंजायमान हो उठा। कार्तिक कल्पवास मेले में अखिल भारतीय सर्वमंगला सिद्धाश्रम के संस्थापक स्वामी चिदात्मन जी महाराज के सन्निध्य में सर्वमंगला सिद्धाश्रम से हाथी-घोड़ा व बैंड-बजे के साथ निकली परिक्रमा में हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। परिक्रमा में शामिल श्रद्धालु नंगे पांव पूरे कल्पवास मेला क्षेत्र व श्मशान घाट से लेकर रामघाट तक का भ्रमण किये। इसके बाद पुनः सर्वमंगला सिद्धाश्रम के ज्ञानमंच पर पहुंचे। श्रद्धालु संत-महात्माओं के शरीर पर फूल व अक्षत की वर्षा कर जयकारा लगा रहे थे। सिमरिया कल्पवास मेले की अंतिम परिक्रमा संपन्न होने के बाद ज्ञानमंच से स्वामी चिदात्मन जी महाराज ने कहा कि परिक्रमा से मानव कल्याण के प्रमाण मिले हें। असफल को मनोवांछित फल मिलता है। और कई अश्वमेध यज्ञ जैसा फल प्राप्त होता है। महाराज जी ने कहा कि कार्तिक मास सनातन धर्म में अपना एक विशेष महत्व रखता है। परिक्रमा और महाआरती सिमरिया धाम की मिसाल है। यह दोनों सभी संकटों से दूर करने वाला, सर्व सिद्ध करने वाला है। भारत कई खूबियों वाला एक महान देश है। सिमरिया धाम में देहरादून से पधारे विद्वान डॉक्टर बुद्धि नाथ मिश्र ने संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय चेतना मुख्यतः सनातन धर्म की देन है। उसमें उसकी अस्मिता की रक्षा गौरव - गान और राष्ट्र के प्रति उस देश के नागरिक की समग्र सोच और अनुभूति समाहित होती है। संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए पटना से पधारे डॉक्टर मनोज झा ने कहा कि सनातन संस्कृति पर आने वाले पीढ़ियां गर्व करेगी। वास्तविक रचनाओं के अलावा बौद्धिक उपलब्धियां ,दर्शन ज्ञान के ग्रंथ ,वैज्ञानिक आविष्कार और खोज भी विरासत का हिस्सा है। गौर तलब है कि आज देव उठान एकादशी है। कल तुलसी विवाह भी संपन्न कराया जाएगा । श्रद्धालुओं ने गंगा परिक्रमा में भाग लेकर इसे और भी उत्कृष्ट बनाया। मौके पर प्रशासन के द्वारा भी समुचित व्यवस्था की गई थी पूरे परिक्रमा प्रांगण एवं रास्ते की साफ सफाई पर विशेष ध्यान दिया गया था। इस मौके पर मुख्य अतिथि डॉक्टर बुद्धि नाथ मिश्रा,उपस्थित डॉक्टर मनोज कुमार झा,अतिथि डॉ विजय ईश्वर वत्स, मंच संचालक डॉ घनश्याम झा, वेद विज्ञान अनुसंधान के निदेशक सचिव सुधीर चौधरी, उप निदेशक विनय कुमार झा, उपसचिव प्रोफेसर पी के झा , इंजीनियर मनोहर सिंह, व्यवस्थापक रविंद्र ब्रह्मचारी ,मीडिया प्रभारी नीलमणि , सर्वमंगला आश्रम के महासचिव राज किशोर प्रसाद सिंह, उषा रानी, नवीन प्रसाद सिंह सहित भारी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।



