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अभय भूमि भारत में भाग्य से मिलता है जन्म ,परंपरा बनी देश की संजीवनी: यहां है विश्व की सर्वोत्तम संस्कृति माइकल सीमौन

 अभय भूमि भारत में भाग्य से मिलता है जन्म ,परंपरा बनी देश की संजीवनी: यहां है विश्व की सर्वोत्तम संस्कृति माइकल सीमौन


तेघड़ा से आर एम न्यूज़ मीडिया संवाददाता अशोक कुमार ठाकुर की खास रिपोर्ट 

तेघड़ा/ बेगूसराय 

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय सेवा केंद्र तेघड़ा में 16 नवंबर शनिवार को फ्रांस से आगमन हुआ बीके माइकल सीमौन के साथ अलौकिक स्नेह मिलन कार्यक्रम अलौकिक छटा बिखेर रहा था

मुख्य विदेशी सैलानी सीमौन ने  अपने  संबोधन में कहा कि भारत केवल एक देश नहीं यह तो देवों और वीरों की यह भूमि, देवों की जन्मस्थली , सत्य, अहिंसा ,प्रेम हिंदुस्तान की सबल पहचान है। कई जन्मों का पूर्ण उदय होता है। यहां के लोग भाग्यशाली हें जो इस धरा पर जन्म लिए। उन्होंने कहा कि यहां आने से मैं साक्षात भगवान को ही देख लिया। मैं वापस जाकर अपने देश के लोगों को बता सकूं कि भारत कहने का ही स्वर्ग नहीं है। अपितु सच में ही स्वर्ग है क्योंकि यहां अब भी भगवान निवास करते हें । तेघड़ा जैसे देवभूमि पर ब्रह्माकुमारी बहनों द्वारा  ईश्वरीय विश्वविद्यालय की स्थापना की जो  काफी सराहनीय है। इन बहनों द्वारा  परमपिता परमात्मा  शिव की शरण मे रहकर इस क्षेत्र के लोगों को संस्कारी व मानव बनाने में तन मन समर्पण कर दिया। यह अपने आप मे बहुत बड़ी बात है।  मैं यहां आकर अपने आप को धन्य मानता हूँ। दुनिया मे आना व जाना ही सत्य है। इस धरती पर आकर समाज की सेवा करना और अपने आचरण को सही रखना ही मानव का उद्देश्य होना चाहिये। परमात्मा साधक के रास्ते मे हमेशा आगे बढ़ने में सहयोग करते हें। 

संस्था प्रमुख राजयोगिनी बीके आशा दीदी ने अपने संबोधन में कहा कि अलौकिक स्नेह  मिलन में आप सभी पवित्र आत्मा समाज में फैली बुराइयों का परित्याग कर अपने जीवन को कर्म योग करते हुए परमपिता परमात्मा शिव से जोड़कर घर, परिवार, समाज में सुख ,शांति, समृद्धि ,यश ,कीर्ति फैलाते हुए मानव कल्याण में अपना योगदान दें। धरती पर स्वर्ग लाने के लिये अपनी अंदर की बुराइयों खत्म करके मंगलराज लाना है।   मेरी जन्मदायनी माँ ने मुझे इसके लिये काफी सहयोग किया। मैं बाल्यावस्था से ही सात्विक भोजन बनाकर ग्रहण किया करती । घर  परिवार के लोग इस कार्य के लिये काफी मनाही करते थे। परंतु मेरा मन तो  शिव बाबा की आराधना में ऐसा लगा कि अंततः शिव बाबा की ही बन कर रह गयी।  इस तरह सांसारिक बंधन को हम  हमेशा के लिये छोड़कर शिव बाबा के शरण मे रहकर अध्यात्म का अलख जगाने में आप सभी के सहयोग से लगे हुए है। इस मौके पर राजयोगी बीके फलक भाई , एडवोकेट राजीव रंजन सिंह , बीके राजीव कुमार,  सुधीर पंडित सहित भारी संख्या में शिव बाबा के भक्त मौजूद थे

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