बेगूसराय जिलान्तर्गत सदर प्रखण्ड के भर्रा गांव में कार्तिक पुर्णिमा के शुभ अवसर पर एक दिवसीय कबीर पंथ संत सम्मेलन आयोजित किया गया।
जिसकी अध्यक्षता महंथ दिनेश दास ने किया। कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन विश्व कबीर रविदास मेंही विचार मंच के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक डा० राजकुमार आजाद ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया तथा संबोधित करते हुए कहा कि "संसार में असली मेहमान संत होता है जो अपमानित होने के बाद भी अपमानित महसूस नहीं करता है और समाज के बीच जाकर आपके अवगुण का बखान नहीं करता है। " मुख्य अतिथि राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डा० पूनम आजाद ने अपने भजन " भैया कैसे जैबै गुरू के नगरिया, मैली मोर चदरिया ना " गाकर दर्शकौं को मंत्रमुग्ध कर दिया। मुख्य वक्ता महंथ आनंदी दास ने संबोधित करते हुए कहा कि " अगर गुरू नहीं होता तो लोग भगवान को नहीं पहचान पाता। इसलिए गुरू का दर्जा भगवान से भी बड़ा है। " विशिष्ट अतिथि हीरा दासिन ने अपने भजन गाकर अध्यात्मिक माहौल उत्पन्न कर दिया। आयोजक मंडल ने सभी अतिथियों को अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया।


