कल्पवास मेले की हुई दूसरी परक्रिमा, साधु-संतों की उमड़ी भीड़
तेघड़ा से आर एम न्यूज़ संवाददाता अशोक कुमार ठाकुर की खास रिपोर्ट
5 अक्टूबर मंगलवार नहाए खाए के दिन कल्पवास क्षेत्र की हुई दूसरी परिक्रमा सिमरिया धाम के मां गंगा के पावन तट स्वामी चिदात्मन जी महाराज के सान्निध्य में अखिल भारतीय सर्व मंगला परिवार के द्वारा आयोजित कल्पवास पर्यंत क्षेत्र की महत्वपूर्ण दूसरी परिक्रमा सूर्य उपासना का महा पर्व नहाय खाय के दिन संपन्न हुआ। संस्कृति से समन्वय स्थापित दूसरी परिक्रमा के अवसर पर उमड़ी हजारों लोगों की भीड़ धर्म, संस्कृति व परंपरा के उत्थान की साक्षी बना. हाथी, ऊंट, घोड़े तथा गाजे-बाजे के साथ सिद्धाश्रम से निकले परिक्रमा जुलूस में शामिल होने के लिए हाथों में कुंभ ध्वज लिये महिला, पुरुष व बच्चों का हुजूम उमड़ पड़ा। राष्ट्रीय एकता व अखंडता के साथ-साथ राष्ट्र के सर्वांगीण विकास के लिए प्रयासरत स्वामी चिदात्मन जी ने कहा कि यह मिथिला संस्कृति के उन्मेष की बेला है। उन्होंने परिक्रमा के भाग लेनेवालों को साधुवाद देते हुए कहा कि परिक्रमा के लिए उठाये गये एक-एक पग पर अश्वमेघ यज्ञ सदृश फल प्राप्त होता है। छठ पर्व के नहाए खाए का अपना अलग महत्व है। आज के दिन स्नान, ध्यान व दान से धर्म में मति, शुभ गति, पूर्ण आरोग्य एवं अनंत गुना अधिक फल प्राप्त होता है। इस अवसर पर प्रशासन मुक्त दर्शक बनकर देखते रह गए उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगले 12 तारीख की अंतिम परिक्रमा में परिक्रमा मार्ग को इस तरह से सुसज्जित करें कि आने वाले दिन सदैव आपके सत्कर्म को याद रखें। कार्यक्रम के उपरांत दर्जनों छठ व्रतियों के बीच महाराज जी के द्वारा सारी एवं पूजन सामग्री के लिए नगद राशि प्रदान किया गया द्वारामौके पर सर्वमंगला द्वारा आयोजित कार्यक्रम के व्यवस्थापक रवींद्र ब्रह्मचारी,सचिव दिनेश प्रसाद सिंह, मीडिया प्रभारी नीलमणि, नवीन प्रसाद सिंह, सुशील चौधरी, सुधीर चौधरी,पटेल सिंह ,तरुण सिंह, सुबोध सिंह ,शकुंतला देवी ,द्रोपती देवी, संजू देवी ,अरुणा देवी ,बच्ची देवी, मीना देवी ,मंजू देवी ,कामिनी देवी आदि उपस्थित थे।



