तीन दिवसीय अध्यात्मिक राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन
तेघड़ा से आर एम न्यूज़ मीडिया संवाददाता अशोक कुमार ठाकुर की खास रिपोर्ट
तेघड़ा/बेगूसराय
सर्वमंगला आध्यात्मिक योगपीठ सिमरिया धाम के ज्ञान मंच पर स्वामी चिदात्मन वेद विज्ञान अनुसंधान संस्थान के तत्वाधान में आयोजित तीन दिवसीय आध्यात्मिक राष्ट्रीय गोष्ठी का विधिवत समापन गुरुवार को किया गय। समापन सत्र के मुख्य अतिथि लोक सभा टी वी के संपादक श्याम किशोर सहाय ने कहा कि पूर्णतया वैज्ञानिक है सनातन धर्म,समय-समय पर आधुनिक विज्ञान ने इसकी पुष्टि की है दुनिया के महानतम वैज्ञानिकों ने सनातन धर्म और हिंदू जीवन पद्धति को सर्वोपरि माना है।
डॉ प्रमोद झा ने कहा सनातन धर्म ही प्राणी मात्र के कल्याण की भावना रखती है, उक्त उद्बोधन
सर्वमंगला अध्यात्म योग विद्यापीठ के ज्ञान मंच पर स्वामी चिदात्मन् वेद विज्ञान अनुसंधान संस्थान के तत्वावधान में त्री दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के समापन समारोह के उद्घाटन कर्ता भारतीय विधा फाउंडेशन के डायरेक्टर डॉ प्रमोद झा ने कहा। समारोह में मुख्य वक्ता के रूप में मिथिला सेवी डॉ धनाकर ठाकुर ने कहा कि सनातन धर्म वैज्ञानिक है, विश्व धर्म मानव धर्म सनातन धर्म की एक पद्धति है ,लाखों वर्ष के अन्वेषण की आधार भूमियों से एवं निरीक्षण, प्रयोग और निष्कर्ष पर आधारित है ,राष्ट्रीयता की समाहित सनातन परंपराएं एक महान राष्ट्र में बनती है, सनातन धर्म भारत भूमि के पुण्य भूमि स्वरूप है जिसके लिए राष्ट्रीयता ही सब कुछ है। विधान पार्षद सर्वेश कुमार ने अपने उद्बोधन में कहा कि हम सभी लोग सनातन के कारण ही राम मय हें।सियाराम मैं सब जग जानी ऐसी भावनाओं से हम सनातनी बने हुए हें।आज के समापन समारोह में सर्वप्रथम आचार्य नारायण झा के स्वस्तिवाचन से शुरू किया गया उसके पश्चात उपस्थित अतिथियों के द्वारा दीप प्रज्वलित करते हुए विधिवत कार्यक्रम की शुरुआत की गई। मौके पर सिद्धाश्रम की व्यवस्थापक रविंद्र ब्रह्मचारी, मीडिया प्रभारी नीलमणि, पप्पू त्यागी, सत्यानंद, प्रोफेसर विजय झा ,प्रोफेसर प्रेम ,विनय झा ,श्याम झा ,सदानंद झा, राजीव सिंह सहित सैकड़ों धर्म प्रेमी मौजूद थे


