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सनातन धर्म ही भारत राष्ट्र की आत्मा हैं - डॉ धनाकर ठाकुर

सनातन धर्म ही भारत राष्ट्र की आत्मा हैं - डॉ धनाकर ठाकुर


तेघड़ा से आर एम न्यूज़ मीडिया संवाददाता अशोक कुमार ठाकुर की खास रिपोर्ट

सर्वमंगला अध्यात्म योगपीठ सिमारिया धाम के ज्ञान मंच पर स्वामी चिदात्मन वेद विज्ञान अनुसंधान संस्थान के तत्वावधान में त्रिदिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के दूसरे दिन के गोष्ठी के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में अपने संशोधन करते हुए अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली परिषद् के संस्थापक डॉ धनाकर ठाकुर ने कहा कि सनातन धर्म ही भारत राष्ट्र की आत्मा है,जिसे ऋषियों और कवियों ने युग युग से संजोया है।इसी कड़ी में मिथिला के महान कवि विद्यापति ने शिव के लिए नचारी और राधा कृष्ण के लिए पद लिखकर घोर मुस्लिम काल में सनातन धर्म को बचाने का काम किया था। महाकवि विद्यापति पूरे पूर्वोत्तर भारत में मध्य युगीन कवियों के भी प्रेरणा पुंज बनें। समारोह में विशिष्ट अतिथि डॉ जनार्दन चौधरी ने कहा कि राष्ट्रीय चेतना और सनातन धर्म में एक खास अभिन्नता दिखाई पड़ती हैं, जो मिथिला वनाम विद्यापति के साहित्य में दिखाई पड़ता है। सम्मानित अतिथि डॉ राम पुनीत झा ने कहा कि विधापति एक रससिद्ध कवि हें। अतिथि श्याम बाबू ने कहा कि सनातन ही संस्कार, धर्म,कर्म और मर्म की जननी है। समारोह में राज किशोर जी ने कहा कि महाकवि विद्यापति ने मिथिला संस्कृति की मधुर भाव, उसकी विस्तारित जनमानस में स्तुति और राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने में अपनी महती योगदान को अंतिम दम तक करते रहे।विषय प्रवेश प्रो अवधेश कुमार झा जी ने करते हुए कहा कि आज हम विश्व शांति के लिए राष्ट्र कल्याण के लिए महाकवि विद्यापति जी का स्मृति पर्व मना रहे हें। प्रो झा ने सनातन धर्म को मानव से मानव को जोड़ने वाला बताया,जिसकी आज और अधिक जरूरत हैं। समारोह के दूसरे दिन महाकवि विद्यापति स्मृति पर्व समारोह का उद्घाटन आगत अतिथियों के द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इससे पूर्व सर्वमंगला के स्वामी चिदात्मन  जी महाराज एवं व्यवस्थापक रविन्द्र ब्रह्मचारी जी ने सभी सम्मानित अतिथियों को मिथिला परम्परा के अनुसार पाग चादर और पुष्पहार से सम्मानित किया। समारोह का संचालन संस्थान के सचिव सत्यानंद जी ने  किया तथा धन्यवाद ज्ञापन सह सचिव प्रो. पी. के. झा "प्रेम" ने किया।इस अवसर पर सर्वप्रथम पंडित नारायण झा ने स्वस्तिवाचन कर समारोह का विधिवत शुभारंभ किया। स्मृति समारोह में संस्थान के निदेशक डॉ विजय कुमार झा, सर्वमंगला परिवार के श्याम सनातन,राम भारद्वाज, लक्ष्मण जी, सदानंद जी, रंजना जी, दिनेश झा, विपिन जी, आदि लोग उपस्थित थे।त्रिदिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के प्रथम दिन संस्थान से प्रकाशित त्रैमासिक पत्रिका अम्बरमणि शक्ति अंक का लोकार्पण किया गया था। लोकार्पण समारोह में मुख्य अतिथि डॉ बुद्धिनाथ मिश्र, डॉ मनोज कुमार झा,विजय ईसर वत्स,अमिय कश्यप, डॉ घनश्याम झा, निदेशक सह संपादक डॉ विजय कुमार झा, संयुक्त संपादक सुधीर चौधरी, प्रबंध संपादक प्रो. पी. के. झा "प्रेम" ने संयुक्त रूप से किया।लोकार्पण समारोह में मिडिया प्रभारी  नीलमणि जी,ई मनोहर सिंह, अभिजीत वत्स, राजीव कुमार,राजा कुमार,विनय कुमार झा, आदि उपस्थित थे।

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