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चंद्र प्रकाश सिंह आनंद जी ने कहा तेघड़ा उनकी जन्मभूमि है,जनहित में जीवन हमेशा समर्पित रहेगा।

चंद्र प्रकाश सिंह आनंद जी ने कहा तेघड़ा उनकी जन्मभूमि है,जनहित में जीवन हमेशा समर्पित रहेगा।


तेघड़ा से आरएम न्यूज़ अशोक कुमार ठाकुर की खास रिपोर्ट 


तेघड़ा/ बेगूसराय 

बरौनी गांव के लाल चंद्र प्रकाश सिंह  आनंद जी जिन्होंने देश की सेवा करते हुए कुछ साल पहले वायु सेना में अधिकारी के पद से सेवानिवृत हुए। तब से उनका जीवन जन सेवा के लिए सदा समर्पित है और आगे भी समर्पित रहेगा। तेघड़ा विधानसभा  क्षेत्र के उत्कृष्ट समाजसेवी सह तेघड़ा विधानसभा के भावी प्रत्याशी बरौनी गांव निवासी चंद्र प्रकाश सिंह आनंद जी ने तेघड़ा विधानसभा क्षेत्र का शांतिपूर्ण भ्रमण करते हुए लोगों तक जन संवाद अभियान के संदेश को पहुंचा रहे हें । उत्तर तेघड़ा में भ्रमण के दौरान लोगों ने उन्हें जन समस्याओं से अवगत कराया जिसे प्राथमिकता के आधार पर अवसर मिलते ही शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। सबों ने एक स्वर में स्नेह के साथ पूरी तरह समर्पित भाव से हर परिस्थिति में साथ देने का भरोसा दिलाया। और लोगों को आश्वस्त किया कि उनका जीवन देश सेवा के लिए समर्पित था अब जन सेवा के लिए समर्पित है और आगे भी समर्पित रहेगा। उन्होंने कहा कि परिस्थिति चाहे जैसी हो वे अपने क्षेत्र में जनहित कार्यों के लिए कोई भी जोखिम उठाने को सदैव तैयार रहेंगे। उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि क्षेत्र की जनता के सवाल चाहे भुखमरी का हो, बेरोजगारी का हो, गरीबी का हो, आय के श्रोत, शिक्षा- स्वास्थ्य का सवाल हो यह सभी सवाल आज भी लोगों के सामने भयावह तरीके से खड़े हें। युवाओं के शिक्षा और रोजगार के सवालों का हल नहीं हो पा रहा है। युवा बेहतर शिक्षा के अवसरों की तलाश में राज्य से बाहर रह रहे हें। एक तिहाई से अधिक परिवार गरीबी में जीवन यापन रहे हें ।जिनकी मासिक आय 6000 रुपए से काम है। आखिर क्यों आजादी के सात दशक  बाद भी लोग  बेरोजगारी, भ्रष्टाचार ,बीमारी और निर्धनता के पीड़ा से कराह रहे हें। क्यों आज भी युवाओं को रोजगार के लिए अन्य प्रदेश की शरण लेना पड़ता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश और विधानसभा की सत्ता बदली, सियासत बदली और सत्ता के ध्वजवाहक भी बदले, लेकिन क्षेत्र की सूरत नहीं बदली। अमीर और अमीर होते गए गरीब और गरीब होते गए। नेता आए और गए, किसी ने दावे किए तो किसी ने वादे। लेकिन जमीन पर बदहाली के इतर और कुछ नहीं दिखा। उन्होंने बताया कि वे आईक्वांटा कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर हूं । इसमें हजारों शिक्षित बेरोजगार युवकों को सीईओ और डायरेक्टर बनाया। आगे भी आई आईएम जैसे प्रेस्टीजियम  इंस्टीट्यूट्सन  में दाखिला दिलाकर हजारों शिक्षित बेरोजगार युवाओं को लाभान्वित करूंगा। विगत 7 वर्षों के भांति इस वर्ष भी शिक्षा की अलख जगाने को लेकर 20 अक्टूबर को बरौनी खेल गांव के भक्ति योग पुस्तकालय के ऐतिहासिक धरती पर वर्ग चतुर्थ से स्नातक तक के छात्र-छात्राओं का मेधा प्रतियोगिता परीक्षा आयोजन कर रहा हूं। जिसमें उत्कृष्ट स्थान प्राप्त करने वाले पांच छात्रों को मोटरसाइकिल सहित उत्कृष्ट इनाम के अलावे 100 मेधा  वाले छात्रों को भी आकर्षक इनाम दिया जाएगा।

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