बेगूसराय जिला अन्तर्गत बरौनी प्रखंड के बीहट नगर परिषद के वार्ड नंबर 02 निवासी स्व० दशरथ ठाकुर जी के सुपुत्र सह श्री महेश मानस गोष्ठी संघ, राजवाडा, बरौनी के अध्यक्ष रामनंदन ठाकुर जी के श्रद्धांजली कार्यक्रम का आयोजन श्री महेश मानस गोष्ठी संघ के तत्वावधान में आयोजित किया गया। जिसकी अध्यक्षता संघ के अध्यक्ष अनिल ठाकुर ने किया तथा मंच संचालन पीताम्बर पाठक ने किया। मुख्य अतिथि डा० राजकुमार आजाद ने संबोधित करते हुए कहा कि " अगर परिवार साधारण है लेकिन परिवार में सम्मति है, उस परिवार में लक्ष्मी दासिन हो जाती है तथा करोड़पति, अरबपति परिवार है लेकिन परिवार में अगर कुमति अर्थात सम्मति नहीं है तो उस परिवार से लक्ष्मी चली जाती है और वह परिवार दरिद्रता को प्राप्त हो जाता है। उदाहरण स्वरूप महाराजा दशरथ की तीन पत्नियां थी। तीनों सौतिनों में आपसी सम्मति के कारण राम जैसा साधारण बालक" भगवान राम " के रूप में संसार में पूजनीय हो गए। मुख्य अतिथि प्रभाकर जी महाराज ने संबोधित करते हुए कहा कि " जो व्यक्ति अध्यात्मिक होता है, जीते जी ही सीधे स्वर्ग चला जाता है मुख्य वक्ताद्वय डा० पूनम आजाद ने अपने भजन " माटी के बनल शरिरिया, मांटी में मिल जाएगी ।" तथा हरेराम चौधरी ने कहा कि " कोरत कोरत चुहिया मर गई मौज लिया भुजंगा ने, पोथी पढ पढ पंडित मर गए, मौज लिया सत्संगा ने। विशिष्ट अतिथिगण बिमल ठाकुर, कपिलदेव शर्मा, सुदामा दास, उपेंद्र राय, सुशीला दासिन, राम अह्लाद सिंह, महेन्द्र महतों, कुमारी साक्षी आदि संतो ने अपने प्रवचन एव भजन से अध्यात्मिक माहौल उत्पन्न कर दिया। स्व० रामनंदन ठाकुर जी के दोनो सुपुत्रों यथा सुनील ठाकुर एवं अनिल ठाकुर ने सभी अतिथियों को पुष्पों की माला पहनाकर, अंग वस्त्र देकर तथा श्री राम चरितमानस, मूल गुटका देकर सम्मानित किया तथा सभी सत्संगियों को स्वादिष्ट पूर्ण भंडारा करवाकर विदा किया।
बरौनी प्रखंड के बीहट नगर परिषद के वार्ड नंबर 02 निवासी स्व० दशरथ ठाकुर जी के सुपुत्र सह श्री महेश मानस गोष्ठी संघ, राजवाडा, बरौनी के अध्यक्ष रामनंदन ठाकुर जी के श्रद्धांजली कार्यक्रम
10/15/2024 06:28:00 pm
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बेगूसराय जिला अन्तर्गत बरौनी प्रखंड के बीहट नगर परिषद के वार्ड नंबर 02 निवासी स्व० दशरथ ठाकुर जी के सुपुत्र सह श्री महेश मानस गोष्ठी संघ, राजवाडा, बरौनी के अध्यक्ष रामनंदन ठाकुर जी के श्रद्धांजली कार्यक्रम का आयोजन श्री महेश मानस गोष्ठी संघ के तत्वावधान में आयोजित किया गया। जिसकी अध्यक्षता संघ के अध्यक्ष अनिल ठाकुर ने किया तथा मंच संचालन पीताम्बर पाठक ने किया। मुख्य अतिथि डा० राजकुमार आजाद ने संबोधित करते हुए कहा कि " अगर परिवार साधारण है लेकिन परिवार में सम्मति है, उस परिवार में लक्ष्मी दासिन हो जाती है तथा करोड़पति, अरबपति परिवार है लेकिन परिवार में अगर कुमति अर्थात सम्मति नहीं है तो उस परिवार से लक्ष्मी चली जाती है और वह परिवार दरिद्रता को प्राप्त हो जाता है। उदाहरण स्वरूप महाराजा दशरथ की तीन पत्नियां थी। तीनों सौतिनों में आपसी सम्मति के कारण राम जैसा साधारण बालक" भगवान राम " के रूप में संसार में पूजनीय हो गए। मुख्य अतिथि प्रभाकर जी महाराज ने संबोधित करते हुए कहा कि " जो व्यक्ति अध्यात्मिक होता है, जीते जी ही सीधे स्वर्ग चला जाता है मुख्य वक्ताद्वय डा० पूनम आजाद ने अपने भजन " माटी के बनल शरिरिया, मांटी में मिल जाएगी ।" तथा हरेराम चौधरी ने कहा कि " कोरत कोरत चुहिया मर गई मौज लिया भुजंगा ने, पोथी पढ पढ पंडित मर गए, मौज लिया सत्संगा ने। विशिष्ट अतिथिगण बिमल ठाकुर, कपिलदेव शर्मा, सुदामा दास, उपेंद्र राय, सुशीला दासिन, राम अह्लाद सिंह, महेन्द्र महतों, कुमारी साक्षी आदि संतो ने अपने प्रवचन एव भजन से अध्यात्मिक माहौल उत्पन्न कर दिया। स्व० रामनंदन ठाकुर जी के दोनो सुपुत्रों यथा सुनील ठाकुर एवं अनिल ठाकुर ने सभी अतिथियों को पुष्पों की माला पहनाकर, अंग वस्त्र देकर तथा श्री राम चरितमानस, मूल गुटका देकर सम्मानित किया तथा सभी सत्संगियों को स्वादिष्ट पूर्ण भंडारा करवाकर विदा किया।



