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डेंगू से बचाव के लिए जन जागरूकता जरूरी: सुभाष रंजन झा

डेंगू से बचाव के लिए जन जागरूकता जरूरी: सुभाष रंजन झा 


तेघड़ा से आर एम न्यूज़ संवाददाता अशोक कुमार ठाकुर की खास रिपोर्ट 


तेघड़ा / बेगूसराय 

जिला पदाधिकारी एवं सिविल सर्जन बेगूसराय के  निर्देशानुसार स्वास्थ्य विभाग के द्वारा डेंगू से बचाव को लेकर विभिन्न नर्सिंग होम, एवं स्वास्थ्य जांच केंद्रों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी के आलोक में आयोजित इस अभियान में डेंगू, मलेरिया, कालाजार से बचाव को लेकर जानकारी दी जा रही है। बुधवार को अनुमंडलीय अस्पताल तेघड़ा के परिसर में चिकित्सकों एवं कर्मियों तथा अस्पताल परिसर में उपस्थित मरीज के बीच डेंगू से बचाव को लेकर जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया। इस मौके पर जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी बेगूसराय सुभाष रंजन झा ने कहा कि डेंगू की बीमारी को रोकने के लिए लोगों को जागरूक करना बहुत जरूरी है। इस बीमारी को रोकने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को जागरूक करने का अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी चिकित्सकों की जिम्मेदारी है कि लोगों को इस संबंध में जागरूक करें ताकि इस बीमारी से लोगों को बचाया जा सके। उन्होंने डेंगू के खतरे से बचाव तथा नियंत्रण संबंधी विभिन्न उपाय और तरीकों से अवगत कराते हुए बताया कि एक और जहां कालाजार बालू मक्खी के काटने से जबकि डेंगू एक वायरल रोग है जो संक्रमित मादा एडिस मच्छर के काटने से होता है ।  कालाजार व डेंगू से बचाव के लिए जन जागरूकता एवं मच्छरों के प्रजनन स्थल को नष्ट करना ही एकमात्र उपाय है। उन्होंने बताया कि जागरूकता से ही कालाजार व डेंगू से बचाव किया जा सकता है। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर रामकृष्ण ने बताया कि संक्रमित मच्छर के काटने के 5 से 6 दिन बाद मनुष्य में डेंगू के लक्षण दिखाई देने लगते हें। डेंगू के दो रूप हें ।डेंगू बुखार और डेंगू हेमोरेजिक बुखार। उन्होंने एडिस मच्छर की पहचान के बारे में बताया कि एडिस मच्छर के शरीर पर काली और सफेद धारियां होती है। कालाजार व डेंगू से बचाव को लेकर जानकारी देते हुए कहा कि अपने घर के आस-पास तथा घर में कूलर बाल्टी, फूलदान, चित्र अथवा नारियल की खोपड़ी में पानी जमा नहीं होने दें। टूटे हुए बर्तन, प्रयोग नहीं आनेवाली बोतल, कार के टायरों में पानी जमा ना रखें। मच्छर हमेशा दिन के समय काटते हें। इसीलिए पूरे शरीर को ढंकने वाले वस्त्र पहने। प्रभारी ने बताया कि जिन क्षेत्रों में मच्छरों का प्रकोप अधिक है उन क्षेत्रों में जाने से पहले अपनी त्वचा पर मच्छर रोधी क्रीम का प्रयोग करें। मच्छरों से बचाव के लिए घर की खिड़की दरवाजे पर जाली लगवाएं। डेंगू के लक्षण दिखने पर तुरंत अनुमंडलीय अस्पताल में आकर चिकित्सक से संपर्क करने की बात कही। कार्यक्रम में स्वास्थ्य प्रबंधक सुबीर कुमार पंकज, बीसीएम शारदा कुमारी, डॉ रंजीत कुमार, डॉ संजय कुमार चौधरी ,स्थापना के मोहम्मद शहंशाह, फार्मासिस्ट अनुराग कुमार  सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी शामिल थे।

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