हवा में धुंआ घोल रहा जहर, आंखें बंद कर बैठे स्थानीय प्रशासन व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी
तेघड़ा से आर एम न्यूज़ मीडिया संवाददाता अशोक कुमार ठाकुर की खास रिपोर्ट
तेघड़ा/ बेगूसराय
कुछ ही दिन पहले नगर परिषद तेघड़ा द्वारा स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया लेकिन कुव्यवस्था का आलम यह है कि नगर में स्वच्छता को लेकर कचरा निस्तारण व्यवस्था चौपट होने का प्रभाव आने लगा है। कूड़े को खुलेआम आग लगाई जा रही है। जिससे एनजीटी के आदेशों की अवहेलना हो रही है। छठी वार्षिक विश्व वायु गुणवत्ता रिपोर्ट में बिहार के बेगूसराय को सबसे प्रदूषित राज्य बताया गया है। बेगूसराय का एयर क्वालिटी इंडेक्स 400 पार था। लेकिन उसके बाद भी सुधार नहीं हो रहा है। नगर परिषद के अधिकारी इस ओर कतई भी ध्यान नहीं दे रहे हें। वहीं, किसान नेता दिनेश सिंह का कहना है कि फसल अवशेष में आग लगते ही अधिकारी किसान पर केस दर्ज या फिर जुर्माना ठोक देते हें। सेटेलाइट से फोटो की दुहाई दी जाती है। अब सेटेलाइट भी गायब है। कूड़ा खुलेआम जल रहा है। जिम्मेदार अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज होना चाहिए। तभी व्यवस्था में सुधार होगा।
नगर की सफाई पर हर साल करोड़ों रुपये खर्च होता है। नेशनल हाईवे 28 ओवर ब्रिज के
के पास 10 दिनों से कचरे के ढ़ेरे आग लगे हुए है। पर्यावरण विशेषज्ञ का कहना है कि एनजीटी के नियम के मुताबिक बस्ती के बगल में या आवागमन के जगह पर कूड़ा एकत्र नहीं हो सकता। पर अधिकारी इस बात से अनजान हें। यह प्रदूषण एक्ट की अवहेलना है। यदि अधिकारी यह कहते है कि कूड़े में खुद आग लग रही है या कोई लगा रहा है तब भी उन्हीं की जवाबदेही है। कूड़े के धुएं में कार्बन डाइआक्साइड और कार्बन मोनो आक्साइड जहरीली गैसें निकलती है। ये पर्यावरण के लिए हानिकारक है। धुएं में हानिकारक सूक्ष्म कण यानी पार्टिकुलेट मेटर होते हैं। ये सांस के जरिए लोगों के शरीर में प्रवेश करते हैं। फेफड़ों को नुकसान पहुंचाते हैं। जिससे दमा और फेफड़ों के कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां होती हैं। वे प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं प्रधानमंत्री को पत्र लिखेंगें


