नहीं रहे मशहूर शख्सियत तेघड़ा कब्रिस्तान समिति के सचिव जनाब मास्टर हाफिज अब्दुल कलाम
तेघड़ा से आर एम न्यूज़ मीडिया संवाददाता अशोक कुमार ठाकुर की खास रिपोर्ट
तेघड़ा / बेगूसराय
तेघड़ा दरगाह एवं नगर परिषद तेघड़ा के मशहूर शख्सियत मोहतरम जनाब मास्टर हाफिज अबुल कलाम जो तेघड़ा वैतुल माल फाउंडर, अंजुमन फलाहुल के फाउंडर , मुसलामिन फाउंडर, कब्रिस्तान समिति के सचिव और अवकाश प्राप्त शिक्षक मास्टर हाफिज अबुल कलाम का सोमवार की सुबह लंबी बीमारी के बाद इंतकाल हो गया। वे 66 वर्ष के थे। 2016 में कैंसर बीमारी से पीड़ित हो गए थे उनका इलाज मुंबई अस्पताल के मशहूर डॉक्टर सूर्यकांत चौधरी एवं पटना पारस अस्पताल पटना के डॉक्टर स्नेहा झा के द्वारा किया जा रहा था। उनके निधन की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई। उनके आवास पर अंतिम दर्शन को लेकर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। उनके जनाजे की नमाज ईदगाह में रात के 8:30 बजे ईशा की नमाज अदा करने के बाद कब्रिस्तान में उन्हें सुपुर्द ए खाक किया जाएगा। नमाज मदरसा तालीमुद्दीन कटहरिया के मुक्ति अब्दुल के द्वारा पढ़ाया जाएगा।ये पूरे क्षेत्र में मास्टर हाफिज अबुल कलाम के नाम से विख्यात थे और अमन चैन पसंद इंसान थे। यह 2018 में उर्दू प्राथमिक विद्यालय मिर्जापुर से शिक्षक के पद से सेवानिवृत हुए थे ।ये मक्की मस्जिद तेघड़ा के वाणी और सरपरस्त भी थे। इन्होंने अपने पीछे तीन पुत्र एवं एक पुत्री छोड़ गए, बड़े पुत्र मोहम्मद शाहिद रजा जो व्यावसायिक हें, दूसरे पुत्र मोहम्मद साजिद रजा उत्क्रमित राईन उर्दू मध्य विद्यालय तेघड़ा के शिक्षक हें, वहीं छोटे पुत्र मोहम्मद हामिद कुरैशी प्राथमिक विद्यालय चक अमला भगवानपुर के शिक्षक हें। उनके निधन पर तेघड़ा नगर परिषद के पूर्व उपमुख पार्षद सह मारवाड़ी सम्मेलन के अध्यक्ष सुरेश रोशन,सचिव सुशील कुमार केजरीवाल, भाजपा नेता कृष्णनंदन सिंह, राजद के जिला अध्यक्ष मोहित यादव , उप मुख्य पार्षद प्रतिनिधि सह पूर्व मुखिया महबूब आलम उर्फ करी मुखिया, मुख्य पार्षद प्रतिनिधि कन्हैया कुमार,राजद नेता मकबूल आलम, कांग्रेस कमेटी के प्रखंड अध्यक्ष सुरेंद्र प्रसाद सिंह, एमएलसी राजीव कुमार के अनुमंडल प्रतिनिधि विनोद कुमार मिश्रा उर्फ गोरेलाल बाबा, विधायक प्रतिनिधि रविंद्र कुमार के अलावे क्षेत्र के सामाजिक एवं राजनीतिक सरोकार से जुड़े लोगों ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि अबुल कलाम साहब क्षेत्र के उत्कृष्ट समाजसेवी एवं पुराने राजनीतिक के रूप में प्रसिद्ध थे उनके निधन से सामाजिक और राजनीतिक जगत में बड़ी क्षति हुई है जिसकी भरपाई नहीं हो सकता


