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श्रीमहेश मानस गोष्टी संघ के अध्यक्ष दिवंगत रामनंदन ठाकुर को दी गई श्रद्धांजलि।

श्रीमहेश मानस गोष्टी संघ के अध्यक्ष दिवंगत रामनंदन ठाकुर को दी गई श्रद्धांजलि। 


 तेघड़ा से आर एम न्यूज़ मीडिया संवाददाता अशोक कुमार ठाकुर की खास रिपोर्ट 

14 अक्टूबर 2024 दिन सोमवार को बरौनी प्रखंड अंतर्गत  बीहट नगर परिषद के वार्ड नंबर 02  निवासी स्व० दशरथ ठाकुर जी के सुपुत्र सह श्री महेश मानस गोष्ठी संघ, राजवाडा, बरौनी के अध्यक्ष स्मृति शेष रामनंदन ठाकुर के श्रद्धांजली कार्यक्रम का आयोजन श्री महेश मानस गोष्ठी संघ के तत्वावधान में आयोजित किया गया।  जिसकी अध्यक्षता संघ के अध्यक्ष अनिल ठाकुर ने किया तथा मंच संचालन पीताम्बर पाठक ने किया। डा० राजकुमार आजाद ने संबोधित करते हुए कहा कि " अगर परिवार साधारण है लेकिन परिवार में सम्मति है, उस परिवार में लक्ष्मी बस करती है। तथा करोड़पति, अरबपति परिवार है लेकिन परिवार में अगर कुमति अर्थात सम्मति नहीं है तो उस परिवार से लक्ष्मी चली जाती है और वह परिवार दरिद्रता को प्राप्त हो जाता है। उदाहरण स्वरूप महाराजा दशरथ की तीन पत्नियां थी। तीनों ने आपसी सम्मति के कारण राम जैसा साधारण बालक" भगवान  राम " के रूप में संसार में पूजनीय हो गए। मुख्य अतिथि प्रभाकर जी महाराज ने संबोधित करते हुए कहा कि " जो व्यक्ति अध्यात्मिक होता है, जीते जी ही सीधे स्वर्ग मिल जाता है ।  डा० पूनम आजाद ने अपने भजन " माटी के बनल शरिरिया, मांटी में मिल जाएगी ।" तथा हरेराम चौधरी ने कहा कि " कोरत कोरत चुहिया मर गई मौज लिया भुजंगा ने, पोथी पढ पढ पंडित मर गए, मौज लिया सत्संगा ने। विशिष्ट अतिथिगण बिमल ठाकुर, कपिलदेव शर्मा, सुदामा दास, उपेंद्र राय, सुशीला दासिन, राम अह्लाद सिंह, महेन्द्र महतों, कुमारी साक्षी आदि संतो ने अपने प्रवचन एव भजन से अध्यात्मिक माहौल उत्पन्न कर दिया। स्व० रामनंदन ठाकुर  के दोनो सुपुत्रों यथा सुनील ठाकुर एवं अनिल ठाकुर ने सभी अतिथियों को पुष्पों की माला पहनाकर, अंग वस्त्र देकर तथा श्री राम चरितमानस, मूल गुटका देकर सम्मानित किया तथा सभी सत्संगियों को स्वादिष्ट पूर्ण भंडारा करवाकर विदा किया।

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